पश्चिम बंगाल: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल में आशा वर्कर्स के उत्पीड़न और शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स की मांगों को नजरअंदाज कर सरकार खुद अपने लिए संकट खड़ा कर रही है। राज्य में भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर आशा वर्कर्स लंबे समय से आंदोलनरत हैं और हाल ही में कोलकाता में बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स ने प्रदर्शन किया था।
गुरुवार को आईएएनएस से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा, “आशा वर्कर्स के साथ जिस तरह का उत्पीड़न और शोषण किया जा रहा है, वह बेहद अनैतिक और निंदनीय है। सरकार को उनकी मांगों को तुरंत मान लेना चाहिए।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब लगभग हर विभाग के कर्मचारी असंतुष्ट हैं तो सरकार कैसे सुचारू रूप से काम करेगी और विकास कैसे संभव होगा।
इस दौरान दिलीप घोष ने विधायक अब्दुर रहीम बख्शी के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आजकल हर कोई सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए बड़े-बड़े बयान दे रहा है। उन्होंने मतदाता सूची के मुद्दे पर कहा कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज हैं, उनके नाम ही वोटर लिस्ट में शामिल हों। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश से लाकर जिन लोगों को गलत तरीके से मतदाता बनाया गया था, उनके नाम सूची में नहीं रहने चाहिए।
भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई से राज्य के लोग खुश हैं और भाजपा चाहती है कि सभी भ्रष्ट लोगों को जेल भेजा जाए।
आईसीसी वर्ल्ड कप के दौरान बांग्लादेश क्रिकेट टीम को लेकर चल रहे विवाद पर टिप्पणी करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश भी क्रिकेट में राजनीति ला रहा है। उन्होंने कहा कि इसका नुकसान बांग्लादेश को ही होगा। भारत ने ही बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आगे बढ़ने में मदद की थी। उन्होंने अपील की कि राजनीति को खेल से दूर रखा जाए और खेल को खेल भावना से खेला जाए, तभी दर्शकों का समर्थन मिलेगा।
दिलीप घोष ने कहा कि पूरी दुनिया, खासकर भारत, एक अच्छे और निष्पक्ष वर्ल्ड कप की उम्मीद कर रही है।
Author: Deepak Mittal










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