दुर्ग: जिले की नगर पंचायत उतई में पीलिया फैलने से हड़कंप मच गया है। नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 14 और 15 में गंदा पानी पीने से पीलिया के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। बीते लगभग एक महीने से बीमारी धीरे-धीरे फैलती रही, लेकिन अब मामला सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नालियों में लंबे समय से जमा गंदे पानी की वजह से घरों और सार्वजनिक हैंडपंप व बोरिंग के जलस्रोत दूषित हो गए थे। इसी कारण लोगों के घरों में बदबूदार पानी आने लगा। शुरुआत में कुछ परिवारों ने इसे अपने घर की पानी की समस्या समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन जब आसपास के कई घरों में एक जैसे लक्षण दिखने लगे, तब मामला गंभीर समझ में आया।
सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 20 मरीजों के घर जाकर जांच की। जांच में पाया गया कि अधिकांश लोग हैंडपंप या बोरिंग के पानी का इस्तेमाल कर रहे थे। एहतियातन वार्ड के एक कॉमन हैंडपंप को तत्काल बंद कर दिया गया है। साथ ही सभी संदिग्ध जलस्रोतों के पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, वार्ड 15 में एक नल कनेक्शन के सामने रहने वाले एक परिवार में 12 सदस्य हैं, जिनमें से तीन लोग पीलिया से संक्रमित पाए गए। आसपास के घरों के पानी के सैंपल भी लिए गए, हालांकि वहां अन्य मरीज नहीं मिले। वहीं वार्ड 14 में पहले 12 मरीज सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने यहां एक बोरिंग को संक्रमण का स्रोत मानते हुए बंद कर दिया है। विभाग का दावा है कि वार्ड 14 के सभी मरीज अब स्वस्थ हो चुके हैं।
Author: Deepak Mittal









