प्लेट में ज़हर? ज़्यादा प्रोसेस्ड फूड बना सकता है कैंसर का रास्ता!

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नई दिल्ली: अगर आप रोज़ाना प्रोसेस्ड फूड और पैक्ड ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, तो यह खबर आपको चौंका सकती है। एक नई अंतरराष्ट्रीय स्टडी में चेतावनी दी गई है कि ज्यादा इंडस्ट्रियली प्रोसेस्ड फूड खाने से कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।

प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल The BMJ में प्रकाशित इस रिसर्च के मुताबिक, ऐसे फूड और ड्रिंक्स जिनमें प्रिज़र्वेटिव्स का इस्तेमाल शेल्फ-लाइफ बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है, वे शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

 कौन-से प्रिज़र्वेटिव सबसे खतरनाक?

स्टडी में सामने आया है कि कई नॉन-एंटीऑक्सीडेंट प्रिज़र्वेटिव्स कैंसर के बढ़ते खतरे से सीधे जुड़े हैं। इनमें शामिल हैं—

  • पोटैशियम सॉर्बेट

  • पोटैशियम मेटाबाइसल्फ़ाइट

  • सोडियम नाइट्राइट

  • पोटैशियम नाइट्रेट

  • एसिटिक एसिड

रिसर्च के अनुसार—

  • पोटैशियम सॉर्बेट से कुल कैंसर का खतरा 14% और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 26% बढ़ा

  • टोटल सल्फाइट्स से कुल कैंसर का जोखिम 12% बढ़ा

  • सोडियम नाइट्राइट से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा 32% तक बढ़ गया

  • पोटैशियम नाइट्रेट से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 22% बढ़ा

 एंटीऑक्सीडेंट भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं!

एंटीऑक्सीडेंट प्रिज़र्वेटिव्स में से भी सोडियम एरिथोर्बेट और टोटल एरिथोर्बेट्स को कैंसर के अधिक मामलों से जुड़ा पाया गया है, जिससे यह धारणा भी टूटती दिख रही है कि सभी एंटीऑक्सीडेंट पूरी तरह सुरक्षित होते हैं।

 15 साल की स्टडी, 1 लाख से ज़्यादा लोग शामिल

फ्रांस की यूनिवर्सिटी पेरिस सिटी की रिसर्च टीम ने इस अध्ययन में

  • 1,05,260 कैंसर-फ्री प्रतिभागियों को शामिल किया

  • 15 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों का डेटा एनालाइज किया

  • कुल 17 अलग-अलग प्रिज़र्वेटिव्स का विश्लेषण किया गया

फॉलो-अप के दौरान—

  • 4,226 लोगों को कैंसर डायग्नोज़ हुआ

  • इनमें 1,208 ब्रेस्ट कैंसर, 508 प्रोस्टेट, 352 कोलोरेक्टल और 2,158 अन्य कैंसर के मामले थे

 हेल्थ एजेंसियों के लिए भी अलर्ट!

रिसर्चर्स ने कहा कि यह स्टडी हेल्थ एजेंसियों को फूड एडिटिव्स की सेफ्टी दोबारा आंकने का मजबूत आधार देती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये प्रिज़र्वेटिव्स इम्यून सिस्टम और इंफ्लेमेशन से जुड़े पाथवे को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

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Author: Deepak Mittal

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