रायपुर: राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर हथियारों का खौफ दिखाने का नया और खतरनाक ट्रेंड सामने आया है। अब कुछ युवक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से हथियारों के साथ अपनी फर्जी तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र से सामने आया, जहां 9 एमएम पिस्टल के साथ युवक की तस्वीर वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
वायरल तस्वीर में युवक के हाथ में पिस्टल दिखाई दे रही थी, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। जांच में सामने आया कि फोटो हीरानगर, विशाल नगर निवासी गौरव छतरी की थी। तस्वीर वायरल होते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में लिया।
पूछताछ में खुला AI का राज
क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी सचिन सिंह और तेलीबांधा थाना प्रभारी अविनाश सिंह के नेतृत्व में हुई पूछताछ में युवक ने चौंकाने वाला खुलासा किया। गौरव छतरी ने स्वीकार किया कि यह तस्वीर असली नहीं, बल्कि उसने AI टूल की मदद से जनरेट की थी। उसका मकसद सोशल मीडिया पर खुद को खतरनाक दिखाना और लोगों पर रौब जमाना था।
AI से हथियार जोड़कर बनाई जा रही हैं फर्जी तस्वीरें
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कई युवा AI तकनीक का गलत इस्तेमाल कर अपनी तस्वीरों में पिस्टल, देसी कट्टा, तलवार, बटनदार चाकू जैसे हथियार जोड़कर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। इससे न सिर्फ समाज में गलत संदेश जा रहा है, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती खड़ी हो रही है।
पुलिस का सख्त संदेश
क्राइम ब्रांच प्रभारी सचिन सिंह ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि
“चाहे हथियार असली हो या AI से बनाई गई तस्वीर, दोनों ही मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि रायपुर पुलिस अब सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखे हुए है और ऐसे मामलों में गिरफ्तारी तक की कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं और अभिभावकों से अपील
पुलिस ने युवाओं और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे AI और डिजिटल तकनीक का सकारात्मक उपयोग करें। हथियारों का महिमामंडन करना, चाहे वह वर्चुअल ही क्यों न हो, कानूनी अपराध है और भविष्य में ऐसे मामलों पर और सख्ती बरती जाएगी।
Author: Deepak Mittal








