रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में जांच कर रही CBI ने बड़ा एक्शन लेते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ करीब 400 पन्नों का चालान कोर्ट में पेश कर दिया है। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। मामले में फिलहाल 12 आरोपी जेल में बंद हैं, जबकि परीक्षा में गड़बड़ी का मास्टरमाइंड बताए जा रहे उत्कर्ष चंद्राकर फरार है, जिसकी गिरफ्तारी जल्द होने की संभावना जताई जा रही है।
CBI की चार्जशीट में तत्कालीन PSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, आरती वासनिक, बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार, साहिल सोनवानी समेत कई प्रभावशाली नाम शामिल हैं। जांच एजेंसी ने भर्ती प्रक्रिया में सुनियोजित साजिश और पदों की बंदरबांट के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ऐसे हुआ भर्ती में खेल
प्रकरण के अनुसार वर्ष 2021 में CGPSC द्वारा 171 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई।
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13 फरवरी 2022 को प्री-एग्जाम हुआ, जिसमें 2565 अभ्यर्थी पास हुए।
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इसके बाद मेंस परीक्षा में 509 उम्मीदवार सफल रहे।
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मई 2023 में इंटरव्यू के बाद 170 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी की गई।
आरोप है कि इसी चयन सूची में तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के परिवार के कई सदस्यों को ऊंचे पदों पर चयनित किया गया।
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बेटे नीतेश और बहू निशा कोसले – डिप्टी कलेक्टर
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भाई की बहू दीपा अगजले – जिला आबकारी अधिकारी
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बहन की बेटी सुनीता जोशी – श्रम अधिकारी
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बड़े भाई का बेटा साहिल सोनवानी – DSP
उद्योगपति परिवार भी घेरे में
इतना ही नहीं, उद्योगपति श्रवण गोयल के बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार का भी डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन हुआ। कुल मिलाकर डेढ़ दर्जन से ज्यादा चयन संदेह के घेरे में आए, जिसके बाद कोर्ट में याचिका दायर की गई।
CBI जांच में खुली परतें
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच CBI को सौंपी, जिसके बाद अब चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। CBI के मुताबिक चयनित अभ्यर्थियों में PSC चेयरमैन, उद्योगपति और राजनीतिक रसूख से जुड़े परिवारों के लोग शामिल हैं।
Author: Deepak Mittal










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