कैश को सोने में बदल दोएक कॉल के बाद गिरफ्तार हुई झांसी की IRS प्रभा भंडारी, रेड में क्या-क्या मिला?

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झांसी में सेंट्रलGSTकी डिप्टी कमिश्नर (IRSअफसर) प्रभा भंडारीको गिरफ्तारकियागयाहै.CBIने70लाखकीघूसलेते जीएसटी के 2 सुपरिटेंडेंट कोरंगेहाथपकड़ाहै.प्रभा भंडारी के पास से कैश और सोना चांदी समेत मोबाइल भी जब्त किया गया है.

GSTचोरी के मामले में कंपनी से डेढ़ करोड़ की रिश्वत मांगी गई थी.इसी दौरान ये पूरी गिरफ्तारी की गई है.

डिप्टी कमिश्नरप्रभा भंडारीके नेतृत्व में सेंट्रल जीएसटी की टीम ने झोकन बाग में जय दुर्गा हार्डवेयर फर्मपर छापेमारी की थी.इस दौरान वहां कई तरह की गड़बड़ी मिली थी.कुल मिलाकर 13 करोड़ रुपये की वसूली का मामला बन रहा था.इसी मामले में 1.5करोड़ रुपये में डील तय की गई थी.

एक कॉल के बाद गिरफ्तार हुईGSTकी डिप्टी कमिश्नर

डील के मुताबक पहली किश्त के तौर पर 70 लाख रुपये प्रभा भंडारी के पास पहुंचाए गए. ये पूरा पैसा साथ के ही अधिकारी अनिल के पास पहले पहुंचा था. जब तक पूरा पैसा ठिकाने लग पाता उससे पहले ही पूरे मामले पर सीबीआई की नजर थी. बीते दिन जब पैसे आए तो सीबीआई ने प्रभा भंडारी को कॉल कराया.इस दौरान कहा किमैडम, पार्टी से 70 लाख रुपए आ गए हैं.

कॉल पर तुरंत ही प्रभा ने जवाब दिया, बहुत बढ़िया. इसे गोल्ड में कनवर्ट कराकर मुझे दे दो. इस कॉल के बाद सीबीआई एकशन मोड में आ गई.उस समय प्रभा भंडारी दिल्ली में थीं, और कुछ ही घंटों मेंCBIकी टीम उन्हें गिरफ्तार कर झांसी से दिल्ली तक ले गई.

CBIने प्रभा भंडारी के दिल्ली स्थित फ्लैट समेत झांसी, ग्वालियर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की. करीब 4 घंटे चली तलाशी में बरामद हुआ.

कौन हैं प्रभा भंडारी

सीबीआई ने प्रभा भंडारी को गिरफ्तार कर लिया है.वह साल 2016 बैच की आईआरएस अधिकारी हैं.डिप्टी कमिश्नर आईआरएस प्रभा भंडारी की 6 माह पहले तैनाती हुई थी.महज 6 महीनों के भीतर ही प्रभार ने झांसी में फ्लैट खरीदा है.इसके साथ ही कई अन्य कीमती चीजें भी खरीदी हैं.

सीबीआई ने दर्ज किया मामला

सीबीआई की तरफ से प्रभा भंडारी और उनके साथियों पर मामला दर्ज किया है.इसमें उन पर जीएसटी चोरी के मामलों में प्राइवेट फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.

प्रभाभंडारी2016बैचकीआईआरएसअधिकारी हैं. सीबीआई ने इन सभी के साथ ही अन्य लोगों के खिलाफ जीएसटी चोरी के मामलों में प्राइवेट फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये का अनुचितलाभमांगनेकेआरोपमेंमामलादर्जकियाहै.

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