नई दिल्ली: आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2025 से पहले टीम इंडिया को अपना अगला सुपरस्टार मिल चुका है—और उसका नाम है वैभव सूर्यवंशी। विजय हजारे ट्रॉफी 2025 में इस युवा बल्लेबाज़ ने ऐसा तूफान मचाया कि गेंदबाज़ों की लाइन और लेंथ दोनों बिखर गईं।
310 की स्ट्राइक रेट से खेली गई उनकी विस्फोटक पारी ने साफ संकेत दे दिया है कि वर्ल्ड कप से पहले वैभव पूरे रौद्र रूप में हैं।
आते ही गेंदबाज़ों पर टूट पड़े वैभव
मेघालय के खिलाफ मुकाबले में बिहार को 218 रन का लक्ष्य मिला था। पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने आते ही चौकों-छक्कों की बरसात शुरू कर दी।
मैच के पांचवें ओवर की पहली गेंद पर आउट होने से पहले ही उन्होंने ऐसा खौफ पैदा कर दिया कि विपक्षी टीम बैकफुट पर चली गई।
सिर्फ 10 गेंद… और 31 रन!
वैभव ने महज 10 गेंदों में 31 रन ठोक दिए।
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🔹 6 चौके
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🔹 1 छक्का
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🔹 स्ट्राइक रेट: 310
टीम का स्कोर जब 38 रन था, तब उसमें से 31 रन अकेले वैभव के बल्ले से आए थे। भले ही पारी छोटी रही, लेकिन असर मैच जिताऊ साबित हुआ।
वैभव के बाद पीयूष–आकाश ने संभाला मोर्चा
वैभव के आउट होने के बाद मैदान पर उतरे पीयूष सिंह और आकाश राज, जिन्होंने जीत की कहानी को अंजाम तक पहुंचाया।
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पीयूष सिंह: 88 गेंदों पर नाबाद 100 रन (14 चौके, 1 छक्का)
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आकाश राज: 90 गेंदों पर नाबाद 75 रन (10 चौके, 1 छक्का)
इन दोनों की दमदार साझेदारी ने बिहार को आसान जीत दिला दी।
विपक्षी टीम की पारी रही फीकी
सिक्किम (मेघालय की जगह) की बल्लेबाज़ी इस मुकाबले में पूरी तरह लड़खड़ा गई।
हालांकि निचले क्रम में राम गुरांग ने संघर्ष जरूर किया—
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64 गेंदों पर नाबाद 56 रन
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3 चौके, 2 छक्के
उनके अलावा अनीष ने 32 रन बनाए, जिससे टीम किसी तरह 200 रन का आंकड़ा पार कर सकी।
वर्ल्ड कप से पहले बड़ा संकेत
अगले महीने जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले वैभव सूर्यवंशी का यह प्रदर्शन टीम इंडिया के लिए खुशखबरी है।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज़ में कप्तानी करने जा रहे वैभव ने यह साफ कर दिया है कि वह सिर्फ कप्तान ही नहीं, बल्कि मैच विनर भी हैं।
संकेत साफ हैं—अगर यही फॉर्म जारी रही, तो वर्ल्ड कप में गेंदबाज़ों की रातें और भी मुश्किल होने वाली हैं।
Author: Deepak Mittal









