डाका: बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। कनाडा के सांसद शुव मजूमदार ने देश में हो रही टारगेट किलिंग और हिंसा की कड़ी निंदा की।
दीपु चंद्र दास की हत्या से हड़कंप
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मयमनसिंह में हुई हिंसा में हिंदू फैक्ट्री कर्मचारी दीपु चंद्र दास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या
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हत्या के बाद शव को पेड़ से लटकाकर आग के हवाले किया गया
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शुव मजूमदार ने इसे बांग्लादेश में नफरत और चरमपंथ पर नियंत्रण की विफलता बताया
अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले
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हिंदू, ईसाई, बौद्ध और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय लगातार निशाने पर
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घर, दुकान, मंदिर और पूजा स्थलों पर हमले, अपहरण, यौन हिंसा और जबरन विस्थापन की घटनाएं बढ़ीं
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अगस्त 2024 से 2025 तक हजारों हिंसक घटनाएं दर्ज
अंतरिम सरकार पर सवाल
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कनाडाई सांसद का कहना है कि अंतरिम सरकार की निंदा और गिरफ्तारी घोषणाओं के बावजूद हिंसा रुकती नहीं दिख रही
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राजनीतिक अस्थिरता और कमजोर शासन व्यवस्था से कट्टरपंथी तत्व हावी
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कई मुस्लिम नागरिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए आगे आए, लेकिन भीड़ हावी हो जाती है
समान अधिकार और चेतावनी
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शुव मजूमदार: “हर बंगाली नागरिक चाहे किसी भी धर्म का हो, समान सुरक्षा और नागरिकता का हकदार है”
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नफरत और हिंसा का इतिहास दोहराया नहीं जाना चाहिए
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कनाडा और दुनिया भर के बंगाली समुदाय के लिए संदेश: “हम आपके साथ हैं, आपकी आवाज सुनते हैं”
अंतरराष्ट्रीय समर्थन
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कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पॉलिएवरे ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले की निंदा की
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हिंदू और ईसाई समुदाय के खिलाफ हिंसा को रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान
Author: Deepak Mittal










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