कोरबा: जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत ग्राम बिंझरा में हाथी के हमले से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान मीना बाई (36 वर्ष), पति रामकुमार धोबी के रूप में हुई है। यह घटना बुधवार सुबह की है, जब महिला रोज़मर्रा के काम के लिए अपने बाड़ी की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक सामने आए हाथी ने उस पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक के साथ-साथ भय का माहौल बन गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में बीते कई दिनों से हाथियों की लगातार आवाजाही बनी हुई है, लेकिन वन विभाग की ओर से पर्याप्त सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम नहीं किए गए। लोगों का कहना है कि हाथियों की मौजूदगी की जानकारी पहले भी दी गई थी, इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
गौरतलब है कि कटघोरा वन मंडल क्षेत्र में यह हाथी के हमले की दूसरी घटना है। इससे पहले पाली वन परिक्षेत्र में डेरा जमाए एक लोनर हाथी ने मंगलवार रात ग्राम लीमपानी में फुलसुंदरी (50 वर्ष), पति टिकैत राम पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश और दहशत है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथी अब केवल जानलेवा ही नहीं बन रहे, बल्कि खेतों और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। धान, मक्का और सब्जियों की फसलें रौंदी जा रही हैं, जिससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय हाथियों का गांवों में प्रवेश आम बात हो गई है, जबकि वन विभाग की गश्त को ग्रामीण नाकाफी बता रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया है। साथ ही, क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
कटघोरा और पाली क्षेत्र में लगातार बढ़ता मानव–हाथी संघर्ष वन विभाग के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने, स्थायी निगरानी दल तैनात करने और प्रभावित गांवों में प्रभावी अलर्ट सिस्टम विकसित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Author: Deepak Mittal









