कबीरधाम: जिले की कुकदूर पुलिस ने 2017 में हुई 14 वर्षीय बालिका राजबाई गोड की मौत का राज़ सुलझा लिया है। प्रारंभिक जांच में यह मौत आत्महत्या दिखाई गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना से पता चला कि किशोरी की हत्या की गई थी।
17 मई 2017 को ग्राम अमनिया में बालिका का शव कोलिहामाड़ा नाला के पास पेड़ पर चुनरी से लटका पाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि मृत्यु गला दबाने से हुई थी, न कि फंदे से। इसके बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 302, 201 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया।
2025 में खुला मामला
वर्ष 2025 में कबीरधाम पुलिस ने पुराने ब्लाइंड मर्डर मामलों की समीक्षा की और इस प्रकरण को प्राथमिकता दी। संदिग्धों पर निगरानी रखी गई, गोपनीय मुखबिर सक्रिय किए गए और बार-बार कड़ाई से पूछताछ की गई।
महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब साक्षी लक्ष्मण टेकाम ने घटना से संबंधित जानकारी न्यायालय में धारा 164 के तहत दर्ज कराई। इसके बाद आरोपी रमला उर्फ राम धुर्वे ने कबूल किया कि मृतिका की हत्या दयाल उर्फ दयालाल बैगा ने की थी और दोनों ने मिलकर इसे आत्महत्या का रूप दिया।
आरोपियों की गिरफ्तारी
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। दयालाल बैगा पिता शोभन सिंह बैगा, उम्र 27 वर्ष, ग्राम हाथीबुड़ान निवासी, ने अपना अपराध स्वीकार किया।
पुलिस की उपलब्धि
कबीरधाम पुलिस ने पिछले एक वर्ष में जिले के पुराने ब्लाइंड मर्डर के 14 मामलों में सफलता अर्जित की है। इसमें चिकित्सक दंपत्ति डबल मर्डर, थाना तरेगांव व पिपरिया के अंधे कत्ल प्रमुख हैं।
टीम की भूमिका: निरीक्षक संग्राम सिंह धुर्वे के नेतृत्व में गठित टीम ने सतत फील्डवर्क, निगरानी और सटीक विवेचना के जरिए ठोस साक्ष्य जुटाए। टीम में कई आरक्षकों और महिला आरक्षकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यह सफलता कबीरधाम पुलिस की निरंतर मेहनत, सूक्ष्म विवेचना और मुखबिर तंत्र के प्रभावी उपयोग का नतीजा मानी जा रही है।
Author: Deepak Mittal










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