नई दिल्ली: बेंगलुरु से डिजिटल ठगी का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक फर्जी पुलिसकर्मी ने सॉफ्टवेयर टेक्नीशियन महिला को बेटे की जान का डर दिखाकर 2 करोड़ रुपये ठग लिए। हैरानी की बात यह है कि महिला के पास इतने पैसे नहीं थे, इसलिए उसने अपने दो फ्लैट और प्लॉट तक बेच डाले।
पीड़िता पिछले 10 साल से बेंगलुरु के विग्नान नगर इलाके में रह रही थी और एक निजी सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती है। महिला को एक कॉल आया, जिसमें खुद को कोरियर अधिकारी बताने वाले शख्स ने कहा कि उसके आधार कार्ड से जुड़ा एक संदिग्ध पार्सल पकड़ा गया है, जिसे पुलिस ने जब्त किया है।
“बात नहीं मानी तो बेटे को नुकसान होगा”
इसके बाद कॉल ट्रांसफर कर खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले ठग ने महिला को धमकाना शुरू कर दिया। महिला से कहा गया कि अगर उसने सहयोग नहीं किया, तो उसके बेटे को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। डर और घबराहट में महिला ने ठगों के कहे अनुसार एक मोबाइल ऐप डाउनलोड किया और उनकी हर बात मानती चली गई।
घर-बिक्री तक पहुंची ठगी की कहानी
पुलिस के अनुसार, महिला ने पहले मालूर स्थित अपना प्लॉट बेहद सस्ते दामों में बेचा, फिर विग्नान नगर का फ्लैट भी बेच दिया। इसके बाद उसने करीब 2 करोड़ रुपये ठगों द्वारा बताए गए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस स्टेशन पहुंचते ही काट दिया कॉल
महिला की पहचान बबिता दास के रूप में हुई है। ठगों ने उसे भरोसा दिलाया कि पैसे वापस मिल जाएंगे और उसे नजदीकी पुलिस स्टेशन जाने को कहा। जैसे ही महिला पुलिस स्टेशन पहुंची, ठगों ने कॉल काट दी और इसके बाद उनके सभी नंबर स्विच ऑफ हो गए।
साइबर पुलिस कर रही जांच
पीड़िता ने व्हाइटफील्ड साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल ठगों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
यह मामला एक बार फिर चेतावनी है कि डिजिटल ठग अब डर, भावनाओं और परिवार को निशाना बनाकर लोगों को कंगाल कर रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी धमकी भरे कॉल या पुलिस-कस्टम्स के नाम पर पैसे मांगने की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8155717
Total views : 8176200