भारत से इम्प्रेस हुए पुतिन, रूस पहुंच बांधे तारीफों के पुल; कहा- वहां रहते हैं 1.5 बिलियन लोग और फिर भी…

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

Putin on India: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वे भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता से प्रभावित हैं। अपनी हाल की यात्रा को याद करते हुए उन्होंने भारत की तारीफ की। राष्ट्रीय एकता पर बोलते हुए, राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को ‘विविधता में एकता’ के एक शक्तिशाली उदाहरण के रूप में बताया और कहा कि यह एक ऐसी विशेषता है जो देश के वैश्विक मंच पर निरंतर उदय के लिए आवश्यक है।

अपने संबोधन के दौरान, रूसी नेता ने भारत की विशाल जनसंख्या पर प्रकाश डाला। साथ ही तारीफ में भारत की भाषाई परिदृश्य को लेकर महत्वपूर्ण बात बताई। पुतिन ने कहा, ‘वहां लगभग 1.5 अरब लोग रहते हैं और सभी हिंदी नहीं बोलते हैं, शायद 500-600 मिलियन, और बाकी अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं। अक्सर वे एक-दूसरे को नहीं समझते हैं। इसलिए, यह एकता और विविधता या बल्कि विविधता में एकता, कुछ ऐसा है जिसे हमें अपनाना चाहिए।’

भारत का महत्वपूर्ण संविधान

राष्ट्रीय एकता और वैश्विक प्रभाव के बारे में बात करते हुए उनकी टिप्पणी इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे भारत के संविधान ने विभिन्न क्षेत्रों और भाषाओं को एक साथ लाने में मदद की है।

रूस के राष्ट्रपति ने हमेशा भारत की काबिलियत और उसके लोगों की तारीफ की है। पहले भी, उन्होंने भारतीयों को टैलेंटेड और ड्रिवन बताया है और देश के डेवलपमेंट के मामले में शानदार काम किए जाने की उम्मीद जताई है।

नई दिल्ली-मॉस्को 2030 रोडमैप

अपनी स्पेशल और प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप दिखाते हुए, पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 दिसंबर को नई दिल्ली में अपनी 23वीं सालाना समिट की, जिसके आखिर में डिफेंस, एनर्जी, ट्रेड और टेक्नोलॉजी से जुड़े 16 एग्रीमेंट पर साइन हुए। इसका मुख्य नतीजा 2030 तक एक ‘इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम’ को फाइनल करना था, जिसका मकसद सालाना बाइलेटरल ट्रेड को $100 बिलियन तक बढ़ाना है। नेताओं ने एनर्जी सिक्योरिटी के लिए कमिटमेंट पर जोर दिया, जिसमें प्रेसिडेंट पुतिन ने भारत को तेल और गैस की बिना रुकावट शिपमेंट का वादा किया।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *