कुख्यात माड़वी हिडमा की मौत से बुरी तरह टूटे नक्सली, सरेंडर करने को लगी लाइन, करोड़ों का था इनाम

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

आंध्र प्रदेश में बैन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (माओवादी) के मिलिट्री कमांडर माड़वी हिडमा के 8 नवंबर को मार गिराया गया था. इसके मारे जाने के कुछ समय बाद ही सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर जिलों में कई माओवादियों ने सरेंडर किया है.

इसमें कुल 2.56 करोड़ रुपये के इनाम वाले 84 माओवादी मेनस्ट्रीम में लौट आए. इनमें से सबसे हाल ही में बीजापुर से सरेंडर किया गया. यहां पर कुल 1.19 करोड़ रुपये के इनाम वाले 41 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया.

ये कैडर दक्षिण बस्तर से हैं, जो कभी पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की मज़बूत बटालियन 1 का गढ़ था. अब ये पार्टी की आर्म्ड विंग है, जिसने गुरिल्ला लड़ाई में कम से कम 155 सुरक्षाकर्मियों की जान ली है. सरेंडर करने वाले 41 में से पांच बटालियन 1 के सदस्य हैं. दक्षिण बस्तर इलाके में अभी भी कई माओवादी एक्टिव हैं, इसलिए इन 41 को सरेंडर करते समय अपने हथियार ले जाने की इजाज़त नहीं थी. मंगलवार को नारायणपुर के अबूझमाड़ से 28 माओवादियों ने तीन हथियारों एक SLR, एक INSAS राइफल और एक .303 राइफल के साथ सरेंडर किया. यहां सोमवार को सुकमा में बटालियन 1 के चार माओवादियों समेत 15 माओवादियों ने बिना हथियारों के सरेंडर किया.

तीन दिनों में कुल 84 माओवादी कैडर का सरेंडर

पहले के ट्रेंड से हटकर, अक्टूबर 2025 से एक अनोखा पैटर्न यह देखने को मिला है कि कैडर अपने हथियार लेकर सामने आ रहे हैं. इस साल कुल 1,460 कैडर ने हथियारबंद लड़ाई छोड़ दी है. AK-47, SLR, INSAS राइफल और लाइट मशीन गन (LMG) समेत 171 ग्रेडेड हथियार लौटाए हैं. बस्तर रेंज के पुलिस इंस्पेक्टर जनरल सुंदरराज पी ने कहा कि पिछले तीन दिनों में कुल 84 माओवादी कैडर शांति से जुड़ गए हैं. बुधवार को बीजापुर में 41 माओवादी कैडर का सरेंडर साफ दिखाता है कि हिंसक और जनविरोधी माओवादी सोच अब खत्म होने वाली है.

उन्होंने आगे कहा, हमने पहले के माओवादी कैडर को समाज की मुख्यधारा में सुरक्षित रूप से वापस लाने के लिए लगातार अपना कमिटमेंट दिखाया है। हमें उम्मीद है कि बाकी माओवादी कैडर-जिनमें पोलित ब्यूरो के सदस्य, सेंट्रल कमेटी के सदस्य और माओवादी संगठन के सभी दूसरे रैंक और फाइलें शामिल हैं-बिना किसी देरी के मुख्यधारा में शामिल होने और शांति अपनाने के लिए आगे आएंगे।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *