गरियाबंद। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नगर पालिका गरियाबंद में पदस्थ सहायक अभियंता संजय मोटवानी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई ठेकेदार अजय गायकवाड़ की शिकायत के आधार पर की गई।
रिश्वत का मामला:
ठेकेदार अजय गायकवाड़ ने बताया कि उनके निर्माण कार्य का बिल पास करने के एवज में इंजीनियर ने एक लाख रुपए की मांग की। शिकायत के आधार पर एसीबी ने ट्रैप प्लान तैयार किया।
गिरफ्तारी की घटना:
निर्धारित स्थान साईं गार्डन पर जब संजय मोटवानी ने रिश्वत की पहली किश्त 30,000 रुपए लेने के लिए ठेकेदार को बुलाया, तो एसीबी की टीम ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि मोटवानी ने राशि अपने कार के डेस्क बोर्ड में छुपा रखी थी।
कानूनी कार्रवाई:
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ धारा 7, पीसी एक्ट 1988 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया। उचित जांच के बाद आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।
ठेकेदार का बयान:
अजय गायकवाड़ ने कहा कि वे पहले ही रिश्वत देने के खिलाफ थे और उनका उद्देश्य था कि इंजीनियर को रंगे हाथों पकड़ा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई अन्य कर्मचारियों के लिए संदेश है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Author: Deepak Mittal









