कांग्रेस के ‘मिशन अंता’ की बड़ी सफलता, मतगणना के 17 राउंड के बाद भाया ने बनाई निर्णायक बढ़त
राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर हुए हाई-प्रोफाइल उपचुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। 11 नवंबर को रिकॉर्डतोड़ 80% से अधिक मतदान के बाद मतगणना का रोमांच चरम पर था, लेकिन अंतिम राउंड से पहले ही तस्वीर साफ हो गई—कांग्रेस के उम्मीदवार प्रमोद जैन भाया ने भारी बहुमत से बाजी मार ली है।
कांग्रेस ने जीत की ओर बढ़ाया निर्णायक कदम
17वें राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद आंकड़े इस प्रकार हैं—
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कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया: 63,381 वोट
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भाजपा के मोरपाल सुमन: 49,324 वोट
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निर्दलीय नरेश मीणा: 45,138 वोट
भाया 14,057 वोटों के विशाल अंतर से आगे चल रहे हैं। अब केवल 3 राउंड की गिनती बाकी है, लेकिन ट्रेंड के आधार पर उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। कांग्रेस कार्यालय में जश्न का माहौल छा गया है।
पत्नी उर्मिला जैन का बयान—“यह जीत जनता के विश्वास की जीत है”
वोटों की भारी बढ़त के बीच कांग्रेस खेमे से पहला बयान आया है।
उर्मिला जैन भाया ने कहा—
“यह जीत विकास और सेवा कार्यों की जीत है। जनता ने प्रमोद जैन भाया पर अपना भरोसा जताया है, और हम इस विश्वास पर खरे उतरेंगे।”
16वें राउंड में भी कांग्रेस का दबदबा कायम
इससे पहले 16वें राउंड तक स्थिति इस प्रकार थी—
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प्रमोद जैन भाया: 59,850 वोट
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मोरपाल सुमन (भाजपा): 45,939 वोट
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नरेश मीणा (निर्दलीय): 43,516 वोट
लगभग 14,000 वोटों की बढ़त ने एकतरफा मुक़ाबले की पुष्टि कर दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।
भाया की जीत के पीछे क्या रहा कारण?
अंता उपचुनाव में कांग्रेस की इस शानदार सफलता के पीछे कई कारक अहम माने जा रहे हैं—
1. भाया की मजबूत चुनावी रणनीति
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पिछले चुनाव की गलतियों से सीख लेकर भाया ने इस बार योजनाबद्ध तरीके से प्रचार किया।
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घर-घर पहुंचकर जनता से सीधे संवाद किया।
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माइक्रो मैनेजमेंट भाजपा पर भारी पड़ा।
2. कांग्रेस का ‘ऑल आउट’ कैंपेन
कांग्रेस ने इस उपचुनाव को प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाते हुए पूरी ताकत झोंकी—
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सचिन पायलट
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अशोक गहलोत
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गोविंद सिंह डोटासरा
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टीकाराम जूली
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अशोक चांदना
जैसे बड़े नेताओं ने संयुक्त रूप से रोड शो और सभाएं कीं, जिससे कार्यकर्ताओं में ऊर्जा और जनता में विश्वास दोनों बढ़ा।
3. मजबूत संगठन और स्थानीय समर्थन
ग्रामीण इलाकों में भाया की पकड़ पहले से मजबूत थी, जिसे उन्होंने और मजबूत किया।
जनता के साथ सीधा जुड़ाव उनकी जीत का मुख्य आधार रहा।
Author: Deepak Mittal









