न्यूयॉर्क। मुस्लिम मूल के जोहरान ममदानी के न्यूयॉर्क के नए मेयर चुने जाने के 48 घंटे के भीतर ही शहर में तनाव और विवाद की स्थिति बन गई है। रिपोर्टों के अनुसार, ममदानी की जीत के बाद शहर में कुछ जगहों पर धर्मांतरण और सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आई हैं। इसी बीच, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ममदानी को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई तो वह “नेशनल गार्ड” को न्यूयॉर्क में उतार देंगे।
कट्टरपंथी तत्वों की सक्रियता पर चिंता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ममदानी की जीत के बाद कुछ कट्टरपंथी समूह खुलेआम धर्मांतरण अभियान चला रहे हैं। कहा जा रहा है कि न्यूयॉर्क में अब ईसाई, यहूदी और हिंदू समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट वायरल हैं जिनमें महिलाओं को इस्लाम अपनाने के लिए बरगलाने की बात कही जा रही है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, “सिर्फ 48 घंटे में शहर की फिजा बदल गई है।” अमेरिकी झंडे फाड़ने और “इस्लामिक शासन” की मांग जैसी घटनाओं ने लोगों में भय का माहौल बना दिया है।
ट्रंप की सख्त प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप ने ममदानी की नीतियों और हालिया घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा —
“अगर न्यूयॉर्क में गड़बड़ी बढ़ी, तो मैं नेशनल गार्ड भेजने में देर नहीं करूंगा।”
ट्रंप पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि अगर “कट्टरपंथ” बढ़ा तो शहर का फंड रोका जा सकता है। उनके समर्थक ममदानी की जीत को “अमेरिकी पहचान पर खतरा” बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इसे “राजनीतिक डर फैलाने” का आरोप मान रहे हैं।
टैक्स नीति से बढ़ी नाराज़गी
ममदानी के चुनावी वादों में फ्री चाइल्डकेयर, फ्री बस सेवा और मकान किराया स्थिर रखने जैसी योजनाएं शामिल थीं। लेकिन अब उन्होंने इन योजनाओं को लागू करने के लिए अमीरों पर 2% अतिरिक्त टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स 11.5% तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
विश्लेषकों के अनुसार, इससे शहर के 8% अमीर नागरिक पलायन की योजना बना रहे हैं।
न्यूयॉर्क की GDP में टॉप 1% अमीरों का योगदान 40% है, ऐसे में अगर यह वर्ग शहर छोड़ देता है तो वार्षिक 8 बिलियन डॉलर का नुकसान और GDP में 0.5% की गिरावट हो सकती है।
आर्थिक राजधानी पर संकट के बादल
न्यूयॉर्क की अर्थव्यवस्था लगभग 1 लाख करोड़ डॉलर की है और यह दुनिया की शीर्ष 10 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। लेकिन बढ़ते टैक्स और धार्मिक अस्थिरता से शहर की आर्थिक सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
वित्त विशेषज्ञों का कहना है कि “ममदानी का टैक्स मॉडल न्यूयॉर्क को सोशलिस्ट स्लम में बदल सकता है” — जहां मुफ्त योजनाएं तो होंगी, लेकिन बुनियादी ढांचा और निवेश ठप पड़ सकता है।
ट्रंप बनाम ममदानी टकराव की आहट
ममदानी के फैसलों और ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिका में कानूनी और राजनीतिक टकराव की स्थिति बन सकती है। अगर नेशनल गार्ड की तैनाती होती है तो कट्टरपंथी तत्व विरोध के नाम पर हिंसा भड़का सकते हैं, जिससे शहर की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों पर असर पड़ेगा।
निष्कर्ष:
न्यूयॉर्क की सियासत इस वक्त उबाल पर है। ममदानी की जीत जहां इतिहास में पहली बार एक मुस्लिम मेयर के तौर पर दर्ज हुई है, वहीं अब वही जीत शहर के सामाजिक और आर्थिक ढांचे के लिए चुनौती बनती दिख रही है। ट्रंप की चेतावनी के बाद हालात किस दिशा में जाएंगे, यह आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा।
Author: Deepak Mittal










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