रायपुर। 10 सितंबर को खमतराई थाना क्षेत्र के उरकुरा रेलवे लाइन पर मिली एक लाश ने पुलिस को हैरान कर दिया था। पहले तो मामला आत्महत्या जैसा लगा, लेकिन जांच ने ऐसा खौफनाक सच उजागर किया कि पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
रेलवे ट्रैक पर पड़ा शव 27 वर्षीय ओमकार ओझा, निवासी बिहार (फिलहाल कुम्हारी, दुर्ग) का था। शुरुआती जांच में उसके सिर और चेहरे पर चोट के गहरे निशान मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खुलासा किया कि ओमकार की मौत गला दबाने और सिर पर वार से हुई है। यानी, यह कत्ल था।
जांच में जुटी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, आसपास पूछताछ की और आखिरकार केस की कड़ियां जुड़ने लगीं। मृतक का मोबाइल एक संदिग्ध के पास मिला और वहीं से खुला पूरा खेल।
पुलिस के मुताबिक, घटना की रात ओमकार शराब के नशे में लक्ष्मी दास मानिकपुरी से विवाद कर रहा था। इस विवाद के बाद आरोपियों—अजय दास मानिकपुरी, भानू दास मानिकपुरी, पीकेश दास मानिकपुरी और कमलेश दास—ने ओमकार को बुरी तरह पीटा, फिर ई-रिक्शा में बांधकर तालाब किनारे ले गए। वहां दो और साथी शामिल हुए और पांचों ने मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
सबसे डरावनी बात यह रही कि हत्या के बाद शव को रेलवे पटरी पर रख दिया गया ताकि लगे जैसे उसने आत्महत्या की हो। ई-रिक्शा को सूनसान जगह छिपा दिया गया और मोबाइल भी गायब कर दिया गया।
पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है—भानू, पीकेश, कमलेश और संजय निषाद। जबकि मुख्य आरोपी अजय दास मानिकपुरी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
मामले में हत्या की धाराओं के साथ ही साजिश और सबूत मिटाने की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। बरामद सामान में मृतक का मोबाइल, ई-रिक्शा और घटना में प्रयुक्त फोन शामिल हैं।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हत्या ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। एक मामूली विवाद ने ई-रिक्शा चालक की जान ले ली, और दोस्तों ने ही मिलकर उसकी अंतिम यात्रा तय कर दी।
Author: Deepak Mittal









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