रायपुर, 12 सितम्बर 2025 – उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की। नवा रायपुर स्थित साव के निवास कार्यालय में हुई बैठक में आयोजन की रूपरेखा और व्यवस्थागत तैयारियों पर गहन चर्चा की गई।
इस बार भी होगा भव्य आयोजन
अक्टूबर–नवम्बर में आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक में विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं होंगी। बस्तर संभाग के 7 जिलों और 32 विकासखंडों से 40 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संयुक्त सचिव सुखनाथ अहिरवार और संचालक तनूजा सलाम भी उपस्थित रहे।
“खेल और विकास का संगम”
खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलंपिक सिर्फ खेलों का आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर के युवाओं को सशक्त और भयमुक्त वातावरण देने का माध्यम है। उन्होंने आयोजन के ध्येय वाक्य ‘करसाय ता बस्तर, बरसाय ता बस्तर’ (खेलेगा बस्तर, जीतेगा बस्तर) को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। साव ने विजेता खिलाड़ियों को यूथ आइकॉन बनाकर अधिक से अधिक युवाओं और संगठनों को जोड़ने पर जोर दिया।
“यादगार बनेगा आयोजन”
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आयोजन को यादगार बनाने में सभी विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए बस्तर के हर गांव से बच्चों और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही जल्द ही बस्तर में स्थानीय स्तर पर बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
11 खेलों में दिखेगा दमखम
करीब डेढ़ महीने तक चलने वाले बस्तर ओलंपिक में 11 खेलों की स्पर्धाएं होंगी। इसमें जूनियर और सीनियर वर्ग में महिला-पुरुष प्रतियोगिताएं शामिल रहेंगी।
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खेल: एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच।
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विशेष आकर्षण: नक्सल हिंसा से प्रभावित दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सली भी इसमें भाग लेकर अपना दमखम दिखाएंगे।
Author: Deepak Mittal










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