उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग जारी, पीएम मोदी समेत इन नेताओं ने किया मतदान

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, कंगना रनौत ने भी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान किया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान किया।https://twitter.com/ANI/status/1965287812686905697?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1965287812686905697%7Ctwgr%5E5a4689a76c02087e1d97fbf7f822ee120db82c7f%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fm.dailyhunt.in%2Fnews%2Findia%2Fhindi%2Famarujala-epaper-dh52adcdef180f4060857c159f8205e5b2%2Fuparashtrapatichunavkelievotingjaripiemmodisametinnetaonekiyamatadan-newsid-n680243785

कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डालने संसद भवन पहुंचीं।

 

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाला। खरगे और गडकरी हाथ थामे वोट डालने जाते दिखे।

शिवसेना के राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा, ‘हमें पूरा विश्वास है कि सीपी राधाकृष्णन आज भारी बहुमत से जीतेंगे और भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति बनेंगे। महाराष्ट्र के कई सांसद पार्टी लाइन के आधार पर नहीं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र और पृष्ठभूमि के आधार पर वोट देंगे।’

सपा सांसद राजीव राय ने कहा, ‘मैं एनडीए में अपने सहयोगियों से अपील करता हूं कि यह उनका आखिरी मौका है, चाहे तो वे किसी ऐसे व्यक्ति का समर्थन करें जो संविधान में विश्वास करता है और उसकी रक्षा करता है या किसी ऐसे व्यक्ति का समर्थन करें जो एक विशेष विचारधारा का समर्थन करता है और नफरत फैलाता है। उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति को वोट देना चाहिए जो संविधान की रक्षा करता है। विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार को जिताएं।’
इंडी गठबंधन के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है। हम जीतने जा रहे हैं। मैं केवल लोगों की अंतरात्मा को जगाने की कोशिश कर रहा हूं। मैंने यह नहीं कहा कि क्रॉस-वोटिंग होगी। मुझे नहीं पता कि क्रॉस-वोटिंग क्या होती है।’

पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए व्हीलचेयर पर मतदान करने पहुंचे।

उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान करने संसद भवन पहुंचे। इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन का मुकाबला विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी से है। मतगणना शाम में होगी।

केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, ‘वह (सीपी राधाकृष्णन) आरएसएस के आदमी हैं। इसमें छिपाने की क्या बात है? आरएसएस एक भारतीय संगठन है। आरएसएस कभी देश के खिलाफ, चुनाव आयोग के खिलाफ, संसद के खिलाफ, सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ, सेना के खिलाफ नहीं बोलता, जैसा कि राहुल गांधी और कांग्रेस करते हैं।’

उपराष्ट्रपति चुनाव में 780 कुल मतदाता (राज्यसभा-238 व लोकसभा-542) हैं, जीत के लिए 391 सांसदों का समर्थन जरूरी है। 425 सांसद राजग (एनडीए) के पास हैं, गठबंधन से इतर वाईएसआरसीपी (11 वोट) ने भी एनडीए उम्मीदवार के समर्थन का एलान किया है। अब बीजद, बीआरएस, शिअद द्वारा उपराष्ट्रपति चुनाव से दूरी बनाने के बाद चुनाव में जीत का आंकड़ा घटकर 385 रह गया है। विपक्षी गठबंधन के पास 324 सांसद हैं। साफ है कि पलड़ा एनडीए का भारी है।

बीजेडी ने राजग और इंडिया ब्लॉक से समान दूरी की नीति याद दिलाते हुए मतदान से दूर रहने की घोषणा की है। इसका परोक्ष लाभ राजग उम्मीदवार को ही मिलेगा क्योंकि जीत के लिए जरूरी मतों की संख्या 391 से घट कर 387 रह जाएगी। इसके इतर बीआरएस (4 वोट) ने तेलुगु प्राइड के सियासी जाल में उलझने और जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव में निर्णायक मुस्लिम मतदाताओं की नाराजगी मोल लेने से बचने के लिए चुनाव से दूरी बनाने का संकेत दिया है। अगर बीआरएस भी चुनाव से दूर रहा तो राजग उम्मीदवार को जीत के लिए महज 385 वोट की ही जरूरत होगी।

लोजपा (रामविलास पासवान) सांसद शाम्भवी चौधरी ने कहा, ‘हमें पूरा यकीन है और इसकी पूरी गारंटी है कि हमारे उम्मीदवार उपराष्ट्रपति बनेंगे। सीपी राधाकृष्णन का अब तक का काम बहुत प्रभावशाली रहा है। देश के सच्चे नागरिक होने के नाते, हमें लगता है कि उन्होंने देश के लिए बहुत कुछ किया है और आने वाले समय में देश को सही रास्ते पर ले जाने की क्षमता उनमें है। कांग्रेस यह नहीं समझती कि हम अपने देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए वोट दे रहे हैं।’

उपराष्ट्रपति चुनाव के मतदान शुरू होने से पहले राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति और एनडीए के अन्य सांसद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के आवास पर पहुंचे।

एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के लोधी रोड इलाके में स्थित श्री राम मंदिर में पूजा अर्चना की। आज उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान होना है। सीपी राधाकृष्णन का मुकाबला विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी से होगा। मतदान सुबह 10 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे तक चलेगा। उसके बाद वोटों की गिनती होगी और शाम तक नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी।

केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर कहा, ‘दोनों उम्मीदवार और उनके समर्थक तैयार हैं। एनडीए के पास ज़्यादा संख्याबल है और राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति बनेंगे। हम उनके पक्ष में वोट देंगे और एनडीए जीतेगा। हम उन्हें बधाई देंगे और वो सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाएंगे। शाम तक सब साफ हो जाएगा।’

शिवसेना सांसद श्रीकांत राधाकृष्णन के अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त…

शिवसेना संसदीय दल के नेता श्रीकांत शिंदे को उपराष्ट्रपति चुनाव में राजग के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है।

विपक्ष ने भी कसी कमर, सही मतदान के लिए तैनात किए सांसद
आज उपराष्ट्रपति चुनाव में सही मतदान कराने के लिए दो दर्जन सांसदों की ड्यूटी लगाई गई है, जो प्रत्येक सदस्य की उपस्थिति दर्ज करेंगे। उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी का नाम बैलेट पेपर में पहले नंबर पर है। उनके पोलिंग एजेंट सैयद नासिर हुसैन और शताब्दी राय हैं, जबकि कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल और मणिकम टैगोर मतगणना एजेंट है।

बीजद ने याद दिलाई समान दूरी बनाने की नीति
बीजद ने राजग और विपक्षी गठबंधन से समान दूरी की नीति याद दिलाते हुए मतदान से दूर रहने की घोषणा की। इसका लाभ राजग उम्मीदवार को ही मिलेगा क्योंकि जीत के लिए जरूरी मतों की संख्या 391 से घट कर 387 रह जाएगी। इसके इतर बीआरएस (4 वोट) ने तेलुगु प्राइड के सियासी जाल में उलझने और जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव में निर्णायक मुस्लिम मतदाताओं की नाराजगी मोल लेने से बचने के लिए चुनाव से दूरी बनाने का संकेत दिया है।

देश के 17वें उपराष्ट्रपति का फैसला मंगलवार को हो जाएगा। चुनाव में राजग उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का पलड़ा अपने प्रतिद्वंद्वी व विपक्षी गठबंधन इंडिया के साझा उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी की तुलना में भारी माना जा रहा है। बीजू जनता दल (बीजद), शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने चुनाव से दूर रहने का फैसला किया है। इससे राजग की स्थिति और मजबूत हो गई है।

जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद हो रहे इस चुनाव में सत्तारूढ़ राजग की निगाहें जीत का अंतर बड़ा करने पर टिकी हैं। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस से समान दूरी बनाए दलों को साधने के साथ विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों के कुछ सांसदों का समर्थन हासिल करने की कोशिश है। भाजपा सूत्रों का दावा है, उसे भाजपा-कांग्रेस से समान दूरी बना कर रखने वाले 48 सांसदों वाले खेमे से ज्यादातर मत मिलेंगे। भाजपा की निगाहें तीन निर्दलीय सांसदों के अलावा जेडपीएम, वीओटीटीपी के एक-एक वोट पर भी हैं।

वहीं, विपक्ष की कोशिश इस चुनाव के बहाने एकजुटता िदखाने की है। विपक्ष भी राजग खेमे में सेंध लगाने की कोशिश में जुटा है। गठबंधन को सहयोगियों से इतर एआईएमआईएम, आजाद समाज पार्टी व चार निर्दलीय सांसदों का समर्थन मिला है। रणनीतिकारों को उम्मीद है कि संविधान बचाओ के दांव व अंतरात्मा की आवाज पर वोट और तेलुगु प्राइड की अपील से राजग में सेंध लगाई जा सकती है।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *