शिक्षक दिवस पर शिक्षक सांस्कृतिक मंच ने किया प्रदीप सिंह राव को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड देकर सम्मानित

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सम्मान के प्रत्युत्तर में राव ने कहा नैतिकता और सद्भावना का अलख केवल शिक्षक ही जगा सकता

मंच ने किया 55 सेवानिवृत तथा 12 प्रतिभाशाली शिक्षकों का सम्मान

रतलाम से इमरान खान की रिपोर्ट

रतलाम शिक्षक दिवस पर शिक्षक सांस्कृतिक मंच ने प्रदीप सिंह राव को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया। शिक्षक सांस्कृतिक मंच के 29 में शिक्षक सम्मान समारोह में 55 सेवानिवृत्त एवं 12 प्रतिभाशाली शिक्षकों का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधि सलाहकार अधिकारी पूनम तिवारी थी। अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी अनीता सागर ने की। आरंभ में अतिथियों ने माँ सरस्वती और डॉ. राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना ललिता कुशवाहा ने प्रस्तुत की मुख्य अतिथि का परिचय कविता सक्सेना ने दिया। स्वागत भाषण में मंच के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने दिया।

इन्होंने किया सम्मान

वरिष्ठ शिक्षा विद डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला, ओपी मिश्रा, डॉ. सुलोचना शर्मा, डॉ. गीता दुबे, गोपाल जोशी आदि ने प्रदीप सिंह राव और अन्य शिक्षकों का सम्मान किया। अभिनंदन पत्र का वाचन डॉ. मुनीद्र दुबे ने किया।

रेड क्रॉस सोसाइटी में डायरेक्टर निर्वाचित होने पर डॉक्टर शर्मा का भी किया सम्मान

रेड क्रॉस सोसाइटी में निर्वाचित होने के लिए डॉ. सुलोचना शर्मा तथा साहित्य क्षेत्र में कवि दिनेश बारोट के योगदान के लिए उनका सम्मान किया गया।

किया अतिथियों का स्वागत

अतिथियों का स्वागत दिलीप वर्मा, कृष्ण चंद्र ठाकुर, नरेंद्र सिंह राठौर, राधेश्याम तोगड़े, मदनलाल मेहरा, श्यामसुंदर, दशरथ जोशी, अनिल जोशी रमेश परमार, उत्सवलाल सालवी, आरती त्रिवेदी, कमल सिंह राठौड़,विनीता पटेल रक्षा के कुमार, मिथिलेश मिश्रा, नरेंद्र सिंह पवार, देवेंद्र वाघेला, बीके जोशी, अर्पित मेहरा, सैलाना इकाई के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र उपाध्याय आदि ने किया।

यह थे मौजूद

आयोजन में पेंशनर समाज के राजेश व्यास, सत्यनारायण सोडा, तेजपाल सिंह राणावत, प्रतिभा चांदनी वाला, कल्पना राजपुरोहित, पुष्पा वासन, सहित बड़ी संख्या में जिले के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। संचालन दिनेश बारोट ने किया। आभार दिलीप वर्मा ने व्यक्त किया।

समाज के लिए आदर्श है शिक्षक का आचरण

शिक्षक ही ऐसा वर्ग है जो निस्वार्थ भावना से अपने विद्यार्थियों को दीक्षित करता है उन्हें जीवन जीने की कला सिखाता है। उनका आचरण समाज के लिए एक आदर्श रहता है शिक्षक अपनी गरिमा को उच्चतम स्तर पर स्थापित करते हुए अपना कार्य करें तो वे सदैव सम्मानित रहेंगे।

पूनम तिवारी, विधी सलाहकार अधिकारी, जिला न्यायालय, रतलाम

तब किसी सच्चे शिक्षक का रूप होता निर्मित

प्रदीप सिंह राव ने अपने विचार व्यक्त किए।

शिक्षक के व्यक्तित्व में भगवान राम की तरह मर्यादा का समावेश हो। कृष्ण की शौर्यता हो। चाणक्य सी बुद्धि हो। मोहम्मद का संदेश हो। महावीर की अहिंसा हो। आत्म बलिदान में प्रभु ईसा जैसी शक्ति हो और ये सब मिलकर गौतम बुद्ध के वैराग्य में समाहित हो जाएं, तब किसी सच्चे शिक्षक का रूप निर्मित होता है। ऐसे शिक्षक ही समाज को सही दिशा देते हुए उत्कृष्ट समाज और शक्तिशाली देश का निर्माण कर सकते हैं।

प्रदीप सिंह राव, प्रसिद्ध साहित्यकार एवं शिक्षाविद

शिक्षा के साथ नैतिक आचरण विकसित करता है शिक्षक

शिक्षक सांस्कृतिक संगठन शिक्षकों के अंदर रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। विद्यालय के वातावरण को बदलने में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है शिक्षा के साथ-साथ नैतिक आचरण और खेलों के प्रति समर्पण की भावना शिक्षक की विकसित कर सकता है।
अनीता सागर, जिला शिक्षा अधिकारी, रतलाम

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