मांगों को लेकर परिवहन संघ का हल्ला बोल, राजहरा प्लांट और माइंस ऑफिस के गेट जाम

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

 

दीपक मित्तल

दल्लीराजहरा: राजहरा परिवहन संघ की मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन सातवें दिन और तेज हो गया। शुक्रवार सुबह संघ के सैकड़ों सदस्य राजहरा प्लांट गेट और माइंस ऑफिस के दोनों गेट के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान तीनों गेटों पर सुबह 8 बजे से जबरदस्त नारेबाजी होती रही। गेट जाम होने से प्लांट और माइंस ऑफिस में कामकाज पूरी तरह ठप रहा।

धरना स्थल पर सीएसपी चित्रा वर्मा दल-बल के साथ पहुंचीं और परिवहन संघ के नेताओं से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कलेक्टर बालोद के निर्देश पर शुक्रवार को ही कलेक्टर कार्यालय में संघ और बीएसपी प्रबंधन के बीच बैठक आयोजित की जाएगी। इस समझाइश के बाद लगभग 11 बजे माइंस ऑफिस गेट का धरना स्थगित कर दिया गया, लेकिन आंदोलनकारी सदस्य राजहरा प्लांट गेट धरना स्थल पर डटे रहे।

लगभग तीन घंटे तक प्लांट गेट पर नारेबाजी होती रही। इस दौरान बीएसपी के अधिकारी और कर्मचारी न तो अंदर जा पाए और न ही बाहर निकल सके। दोपहर करीब 2 बजे धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ और सभी आंदोलनकारी अनिश्चितकालीन धरना स्थल पंडाल की ओर लौट गए।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

परिवहन संघ लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। संघ का कहना है कि बीएसपी प्रबंधन लगातार उनकी जायज़ मांगों की अनदेखी कर रहा है। इसके चलते सात दिन से अनिश्चितकालीन धरना जारी है। संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलनकारियों की भारी मौजूदगी

धरना प्रदर्शन में संघ के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में सदस्य शामिल रहे। इनमें प्रमुख रूप से अतिंदरसिंह संधू, नरेंद्रसिंह तुली, जगजीत सिंह मरवाहा, अनिल सुथार, अशोक लोहिया, संदीप शाह, विजय डडसेना, संतोष देवांगन, अशरफ अली, राजकुमार, मोहंती दादा, कमल चोपड़ा, चरणजीत सिंह, संदीप, राजू संधू, राजू कुकरेजा, टीटू ब्रोका, संतोष साहू, बलराम, कोपेंद्र, महेंद्र कुमार, बिट्टू पन्नू, रघुवीर गिल, सन्नी ओबेराय, रंजीत सिंह राने, बंटी रंधावा, प्रदीप बरमोटे, मनीष जेठवानी, विवेक, रंजीत सिंह समेत संघ के सैकड़ों सदस्य मौजूद रहे।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *