नई दिल्ली: आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में स्मार्टफोन हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है। सुबह आंख खुलने से लेकर रात सोने तक हम स्क्रीन से चिपके रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस तकनीकी आदत का असर सिर्फ आंखों या मानसिक स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि आपकी त्वचा की सेहत पर भी पड़ता है?हालिया रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसी डिवाइसेज़ से निकलने वाली ब्लू लाइट हमारी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना सकती है।
यह धीमे ज़हर की तरह त्वचा को नुकसान पहुंचाती है, जिसका असर धीरे-धीरे नजर आता है।
ब्लू लाइट: त्वचा की अदृश्य दुश्मन ब्लू लाइट एक हाई-एनर्जी विजिबल (HEV) लाइट होती है, जो स्क्रीन से निकलती है। रिसर्च के मुताबिक, यह त्वचा की गहराई में जाकर स्किन सेल्स को डैमेज कर सकती है। इससे सेल्स की उम्र घटती है, वे सिकुड़ने लगते हैं और उनकी रीजनरेशन की क्षमता कमजोर हो जाती है। नतीजा- त्वचा की चमक फीकी पड़ने लगती है और झुर्रियां जल्द दिखने लगती हैं।
किन समस्याओं का होता है खतरा? समय से पहले एजिंग टैनिंग और झाइयां हाइपरपिगमेंटेशन स्किन पर सूजन और ड्रायनेस त्वचा की नैचुरल इलास्टिसिटी में गिरावट विशेषज्ञों के अनुसार, जितना ज्यादा समय आप स्क्रीन के संपर्क में रहेंगे, उतना ही नुकसान त्वचा को पहुंचेगा।
क्या है इससे बचाव का तरीका?
स्क्रीन टाइम कम करें: जब जरूरी न हो, तो फोन या लैपटॉप से दूरी बनाएं। ब्लू लाइट फिल्टर या ग्लास का इस्तेमाल करें: मार्केट में मिलने वाले ब्लू लाइट ब्लॉकर स्क्रीन प्रोटेक्टर या चश्मे मददगार साबित हो सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर स्किनकेयर प्रोडक्ट्स अपनाएं: विटामिन C और E युक्त क्रीम या सीरम लगाएं। ये त्वचा की मरम्मत में मदद करते हैं और हानिकारक लाइट से सुरक्षा देते हैं। सनस्क्रीन का इस्तेमाल केवल धूप में ही नहीं, बल्कि स्क्रीन के सामने भी करें। अब कई ब्रांड्स ब्लू लाइट प्रोटेक्शन SPF के साथ प्रोडक्ट्स पेश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की सलाह: त्वचा विशेषज्ञ मानते हैं कि डिजिटल युग में त्वचा की देखभाल केवल बाहर की धूल और धूप से नहीं, बल्कि डिजिटल डिवाइसेज़ से भी जरूरी हो गई है। एक अच्छी स्किन केयर रूटीन और स्क्रीन के इस्तेमाल में संतुलन लाकर आप इस धीमे नुकसान से खुद को बचा सकते हैं।
Author: Deepak Mittal









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