सैलाना प्रशासन की लाचारी है समझ से परे इसे लाचारी कहे या लापरवाही प्रशासन पर उठाते हैं कई सवाल?

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रतलाम से इमरान खान की रिपोर्ट

रतलाम जिले के सैलाना नगर में बारिश का मौसम तो आमजनों को परेशान कर ही रही है। परंतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का ट्रांसफर होने और रिलीव हो जाने पर प्रशासनिक लाचारी के चलते सैलाना,शिवगढ़, रावटी व बाजना मुख्य मार्ग भी आमजन के लिए समस्या बना हुआ है। किसी भी दिन कोई जनहानि बड़ी दुर्घटना होने की संभावना प्रबल होती जा रही है।

नगर के सैलाना-शिवगढ़ मार्ग से जाने वाले मार्ग पर बस स्टैंड से 50 कदम की दूरी पर नगर के हनुमान ताल तालाब का ओवरफ्लो का पानी मुख्य मार्ग से होता हुआ गंगाजला कुए के पास से स्टेट टाइम से सीधा निकल कर तत्कालीन राजा के समय में सैलाना का जो गंगा जला कुआ था। उसके खेत के पास होकर सीधा मलेनी नदी में जाकर जो की इसी कुएं के पीछे की ओर 200 कदम की दूरी पर है मिल जाता था। सीधा पानी का निकास होने के कारण रोड पर एक फीट से अधिक पानी एकत्रित नहीं होता था और अभी से कई गुना बरसात होने पर भी पूर्व में कभी रोड बाधित नहीं होता था।

परंतु उक्त खेती की जमीन राजा के वंशज ने विक्रय कर दी। उसके पश्चात नए भू स्वामी ने पानी की निकासी बंद करने के लिए ऊंची मेड बनाकर पानी को अपने परंपरागत रास्ते से बंद कर दिया और आजादी से पहले स्टेट टाइम से जो पानी सीधा रास्ता मिलने पर अपने परंप्रागत रास्ते से आसानी से निकल जाता था। वह अब पूरे रोड पर भरा रहने लग गया। जिससे टू व्हीलर तो ठीक है,फोर व्हीलर भी बाधित होने लग गए। जब कि यह मुख्य मार्ग सैलाना मुख्यालय को पूरे विधानसभा क्षेत्र से जोड़ता है और शासकीय नियम है की बारिश का पानी किसी की निजी भूमि में भी निकलता हो तो उसे कोई अन्यत्र परिवर्तित नहीं कर सकता।

समय-समय पर शिकायतों के चलते प्रतिवर्ष और पिछले वर्ष भी रास्ता बंद होने से तत्कालीन एसडीएम ने जेसीबी लगवा कर पानी की निकासी सीधे करवाई थी। इस बार भी एसडीएम का स्थानांतरण होने के कारण प्रमुख समाचार पत्रों में तथा मीडिया समाचार आने के पश्चात भी दबाव के चलते आमजन परेशान होकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ज्ञात हो कि यह प्रमुख मार्ग होने के अलावा ही बागरियो की खेडी नामक गरीब मजदूर पैसा वर्ग की लगभग 100 घर की बस्ती जो की 100 कदम पर बसी हुई है का रास्ता भी यही है। जो भी पूर्णतः बंद हो जाता है। जहां की महिलाएं बुजुर्ग नन्हे बच्चे स्कूल जाने से लेकर रोजमर्रा के कार्य के लिए भी बाधित हो जाते हैं और छोटे बच्चे कभी-कभी इस पानी को पार करने की कोशिश करते देखे गए हैं। जिससे कि उनके जीवन के साथ खिलवाड़ होकर कभी भी कोई जनहानि हो सकती है।

आज भी रास्ता पूर्णता बैंडिट होने पर शिकायत कलेक्टर तक पहुंचाने के पश्चात तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, पटवारी, नगर पंचायत सीएमओ मनोज शर्मा अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर आए मौके पर पीड़ित बस्ती के लोगों द्वारा अधिकारियों को मौखिक शिकायत भी की गई। इस पर उल्टे भू स्वामी ने पीड़ित बस्ती के लोगों से ही विवाद करना प्रारंभ कर दिया और अधिकारियों को भी अपना कार्य नहीं करने दिया परंतु अधिकारी क्या पता क्यों किसी बीना ठोस कार्रवाई के वापस चले गए जो की जन चर्चा का विषय है।

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Author: Deepak Mittal

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