क्या है प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना?, निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये मिलेंगे, जानें डिटेल

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना को लागू करने की घोषणा की, जिससे अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में एक जुलाई, 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना को मंजूरी दी थी। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में कहा, “आज 15 अगस्त है और हम इस देश के युवाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपये की योजना शुरू कर रहे हैं। यह आपके लिए अच्छी खबर है कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना आज से लागू हो रही है।”

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये मिलेंगे और उन्हें रोजगार देने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी।

करीब 99,446 करोड़ रुपये के बजट वाली ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (पीएमवीबीआरवाई) का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां तैयार करना है। इनमें से 1.92 करोड़ लाभार्थी पहली बार नौकरी पाने वाले होंगे। इस योजना का लाभ एक अगस्त, 2025 और 31 जुलाई, 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर लागू होगा।

इस योजना का नाम ‘विकसित भारत’ पहल के उद्देश्यों के अनुरूप रखा गया है, जो देश में समावेशी और सतत रोजगार अवसर पैदा करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह योजना विभिन्न क्षेत्रों में नई नौकरियां सृजित करने पर प्रोत्साहन देगी, खासकर विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान देगी।

योजना दो भागों में विभाजित है – भाग ‘क’ पहली बार नौकरी करने वालों पर केंद्रित है और भाग ‘ख’ नियोक्ताओं पर। भाग ‘क’ के तहत, सेवानिवृत्ति कोष का प्रबंधन करने वाले निकाय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में पंजीकृत पहली बार नौकरी करने वालों को दो किस्तों में अधिकतम 15,000 रुपये (एक माह का ईपीएफ वेतन) दिया जाएगा।

जिन कर्मचारियों का वेतन अधिकतम एक लाख रुपये है, वे इसके पात्र होंगे। पहली किस्त छह महीने की सेवा पूरी होने पर और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा व वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने पर दी जाएगी। भाग ‘ख’ में, नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए (जिसका वेतन अधिकतम एक लाख रुपये हो और जिसने कम से कम छह महीने तक निरंतर नौकरी की हो), दो वर्षों तक प्रति माह तीन हजार रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ताओं के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी जारी रहेगा।

ईपीएफओ में पंजीकृत प्रतिष्ठानों को कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी (यदि कर्मचारियों की संख्या 50 से कम हो) या पांच अतिरिक्त कर्मचारी (यदि कर्मचारियों की संख्या 50 या अधिक हो) को लगातार छह महीने तक नियुक्त करना होगा।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *