उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रदेशभर में कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। सैकड़ों गांव पानी में डूब चुके हैं। अयोध्या और अन्य इलाकों में लोग पीने के पानी के लिए दो किलोमीटर तक दूर तक पैदल चल रहे हैं।
हालात गंभीर, राहत-बचाव कार्य जारी
उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन द्वारा बीते दिनों दी गई जानकारी के मुताबिक, 24 जिलों में 1,245 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे करीब 2.07 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 33,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि डूब चुकी है।
राहत और बचाव अभियान के तहत अब तक 6.5 लाख लोग मदद के पात्र माने गए हैं, 475 आश्रय केंद्रों में 65,437 लोग शरण लिए हुए हैं। 2610 नावें राहत कार्य में लगी हैं। 8.6 लाख भोजन पैकेट और 85,000 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।
IMD ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने पूर्वांचल और तराई के 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि 29 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जिनमें अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं।
पश्चिमी UP के बिजनौर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई है, जो अगले 14 अगस्त तक और बढ़ने की संभावना है।
बुनियादी सुविधाओं का संकट
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीने का पानी मिलना अब मुश्किल हो गया है। कई इलाकों में घरों में पानी भरने और सड़क मार्ग टूटने के कारण सहायता पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई गांव ऐसी “जलबंधी बस्तियों” की तरह दिख रहे हैं जहां खेत और यातायात दोनों ठप पड़े हैं।
Author: Deepak Mittal









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