आज के समय में सेहत का ध्यान रखना सबसे जरूरी हो गया है। ऐसे में आयुर्वेद की एक पारंपरिक विधि—सुबह खाली पेट सौंफ का पानी पीना—आपके पाचन तंत्र, मेटाबॉलिज्म और हार्मोन संतुलन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
आयुर्वेद में सौंफ को एक असरदार औषधि माना गया है, जो शरीर से टॉक्सिन्स निकालने और डिटॉक्सिफिकेशन में कारगर होती है। सौंफ का पाचन पर असर सौंफ पेट की गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मददगार है। इसे खाने के बाद चबाना या सुबह इसके पानी का सेवन करना पाचन तंत्र को मजबूत करता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। महिलाओं के लिए लाभकारी सौंफ महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।
यह ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने, मासिक धर्म के दर्द को कम करने और हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। आयुर्वेद में इसे त्रिदोषिक हर्ब कहा जाता है,जो शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए अच्छा है। वजन घटाने में सहायक आयुर्वेद के अनुसार, सौंफ मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, भूख पर नियंत्रण रखती है और ब्लोटिंग कम करती है। इसलिए इसे वजन कम करने के लिए भी उपयोग किया जाता है।
मॉडर्न साइंस का नजरिया वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, सौंफ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं, जिससे कोशिकाओं को नुकसान से बचाव होता है। यह डायबिटीज, हार्ट डिजीज और कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को भी घटाता है। साथ ही, यह IBS (इर्रेगुलर बाउल सिंड्रोम) में राहत देने में भी सहायक है। सौंफ का पानी बनाने के आसान तरीके:- – रात को एक-दो चम्मच सौंफ को पानी में भिगोकर सुबह पीना।
– सौंफ को हल्का क्रश करके दो कप पानी में उबालना और आधा होने पर छानकर गर्म पीना। – सुबह खाली पेट सौंफ का पानी पीना सबसे लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह हाइड्रेशन बढ़ाता है, पाचन अग्नि को तेज करता है और टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है। सावधानियां:- सौंफ का सेवन कुछ स्थितियों में सावधानी से करना चाहिए जैसे प्रेगनेंसी, हार्मोनल असंतुलन, मिर्गी, ब्लड थिनर दवाओं के साथ। इन मामलों में डॉक्टर की सलाह जरूरी है। सौंफ के साथ जीरा और अजवाइन मिलाकर लेने से भी कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
Author: Deepak Mittal










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