Who will be Next Vice President: देश के अगले उपराष्ट्रपति को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। कुछ मीडिया चैनलों ने शीर्ष NDA सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अगला उपराष्ट्रपति भारतीय जनता पार्टी (BJP) से ही होगा और यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा से लौटने के बाद फाइनल रूप दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, यह उम्मीदवार कोई ऐसा होगा जो पार्टी की विचारधारा से गहराई से जुड़ा हो और संसद संचालन की व्यापक जानकारी रखता हो। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पूरे पांच साल का होता है और वह राज्यसभा के सभापति के रूप में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में पार्टी एक अनुभवी और सशक्त नेता की तलाश में है जो संवैधानिक गरिमा को बनाए रखते हुए सरकार के विधायी एजेंडे को भी मजबूती से आगे बढ़ा सके।
जेडीयू या अन्य सहयोगी दल उपराष्ट्रपति की रेस से बाहर
JD(U) या किसी अन्य NDA घटक दल के नेता को लेकर चल रही चर्चाओं को भी सूत्रों ने खारिज कर दिया है। एक वरिष्ठ नेता ने साफ कहा, “उपराष्ट्रपति पद के लिए जेडीयू या किसी अन्य सहयोगी दल के नेता पर विचार नहीं किया जा रहा है। सभी दल BJP के फैसले से सहमत हैं, चाहे वह TDP हो या JD(U)।” एक अन्य शीर्ष सूत्र ने कहा, “जेडी(यू) या एनडीए के किसी अन्य नेता के उपराष्ट्रपति पद के लिए विचार किए जाने की अटकलें निराधार हैं।”
हाल ही में जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच मुलाकात ने अटकलें जरूर तेज कर दी थीं, लेकिन पार्टी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि यह एक सामान्य बैठक थी और उपराष्ट्रपति पद को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। पीएम नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद अंतिम नाम पर विचार-विमर्श फिर से शुरू होने की उम्मीद है
जगदीप धनखड़ का अचानक इस्तीफा, चुनाव आयोग की तैयारी शुरू
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे कई विवाद भी रहे। बताया जा रहा है कि धनखड़ ने एक विपक्ष समर्थित न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार कर सरकार की नाराजगी मोल ली थी। किसानों से जुड़े मुद्दों पर उनकी खुली टिप्पणी और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सार्वजनिक सवाल-जवाब भी सरकार को रास नहीं आए। सूत्रों के मुताबिक अगर वे इस्तीफा नहीं देते तो उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता था।
चुनाव आयोग ने शुरू की तैयारियां
उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने बताया कि जल्द ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। इससे पहले आवश्यक गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, जैसे कि चुनाव मंडल (Electoral College) का गठन, रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति और पिछले उपराष्ट्रपति चुनावों का विस्तृत दस्तावेज तैयार करना।
विपक्ष की ओर से अब तक किसी नाम की घोषणा नहीं की गई है। अब तक हुए 16 उपराष्ट्रपति चुनावों में से केवल 4 चुनाव ही निर्विरोध हुए हैं। ऐसे में संभावना है कि विपक्ष आने वाले दिनों में अपना प्रत्याशी सामने ला सकता है।
इस बार का उपराष्ट्रपति चुनाव सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक दिशा और रणनीति का प्रतीक भी बन चुका है। BJP का यह फैसला उसके आने वाले वर्षों के राजनीतिक और वैचारिक एजेंडे को तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Author: Deepak Mittal
