रायगढ़ में हाथियों का तांडव : एक ही रात में तीन ग्रामीणों की दर्दनाक मौत, दहशत में लैलूंगा क्षेत्र…

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

शैलेश शर्मा 9406308437नवभारत टाइम्स 24×7.in जिला ब्यूरो रायगढ़

रायगढ़। जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल अंतर्गत लैलूंगा वन परिक्षेत्र में हाथियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात एक मादा हाथी और उसके शावक ने ऐसा उत्पात मचाया कि पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। अलग-अलग गांवों में तीन ग्रामीणों की जान चली गई। मृतकों में एक मासूम बच्ची, एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं।

पहले तोड़े घर, फिर लोगों को बनाया निशाना : स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का यह जोड़ा पहले गांव में घुसा और कई कच्चे-पक्के मकानों को तोड़ डाला। जान बचाने के लिए लोग घरों से भागने लगे, लेकिन हाथियों का हमला यहीं नहीं थमा।

  • गोसाईडीह गांव में मादा हाथी ने 5 वर्षीय बच्ची को सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
  • मोहनपुर गांव में खेत में काम कर रही एक महिला को हाथी ने सूंड से पटक-पटक कर मार डाला।
  • एक अधेड़ व्यक्ति जो घर के भीतर सो रहा था, उसके ऊपर हाथी गिर पड़ा, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

पहले भी ले चुके हैं एक व्यक्ति की जान : धरमजयगढ़ के डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यही मादा हाथी और उसका शावक कुछ दिन पूर्व बाकारुमा गांव में भी एक ग्रामीण की जान ले चुके हैं। यह जोड़ी लगातार विभिन्न गांवों में घूमते हुए जान-माल का नुकसान पहुँचा रही है।

मौके पर वन विभाग व पुलिस बल तैनात : घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। कई लोग गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

ग्रामीणों में रोष, की सुरक्षा की मांग :
लगातार हो रहे हाथी हमलों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि वन विभाग द्वारा उचित चेतावनी या सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जा रही है। लोग रात्रि गश्त, वन सुरक्षा दल और त्वरित अलर्ट सिस्टम की मांग कर रहे हैं ताकि आगे किसी और की जान न जाए।

फिलहाल लैलूंगा क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। वन विभाग के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह इंसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए हाथियों को भी सुरक्षित वन क्षेत्र की ओर वापस ले जाए।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *