बालोद में रचा पर्यावरण संरक्षण का इतिहास: 1.74 लाख पौधे लगाए गए, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान बना जनआंदोलन
दीपक मितल प्रधान संपादक छत्तीसगढ़
बालोद। जिले में शनिवार को आयोजित वृहद वृक्षारोपण सह वन महोत्सव कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक साबित हुआ। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत जिले में एक ही दिन में 1 लाख 74 हजार पौधे रोपे गए। इस जनभागीदारी पूर्ण आयोजन ने बालोद जिले के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त जिला कार्यालय परिसर सहित समूचे जिले में किया गया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद भोजराज नाग, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, डीएफओ अभिषेक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, संस्थाएं, स्वयंसेवी संगठन एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सभी ने अपनी माताओं के नाम से पौधरोपण कर अभियान को भावनात्मक एवं सामाजिक स्वरूप प्रदान किया। कलेक्टर मिश्रा ने अपनी माता श्रीमती लिली यादवेन्द्र के नाम पौधा लगाते हुए बताया कि इस आयोजन को जिले भर में वेबएक्स और सोशल मीडिया के माध्यम से जोड़ा गया था। यह कार्यक्रम केवल वृक्षारोपण न रहकर एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बालोद जिले में आज जो कार्य हुआ है वह केवल पौधरोपण नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरणीय अमानत है। उन्होंने आयोजन को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि जब माताएं और बहनें किसी संकल्प को अपनाती हैं, तो उसे पूर्ण कर दिखाती हैं। उन्होंने जिले में चल रहे जल जतन अभियान की भी प्रशंसा की, जिसके तहत बालोद देश में तीसरे स्थान पर पहुंचा है।
सांसद भोजराज नाग ने भी वृक्षारोपण को जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध एक सशक्त कदम बताया और कहा कि एक पेड़ लगाना दस पुत्रों के समान पुण्य का कार्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरणीय प्रयासों की भी सराहना की।
कार्यक्रम में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में योगदान देने वालों को सम्मानित भी किया गया। इनमें डॉ. पद्म जैन, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, उप वनमंडलाधिकारी डिंपी बैस, डॉ. प्रदीप जैन, अधीक्षक अश्वनी नायक सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं संस्थाओं को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।

Author: Deepak Mittal
