दल्लीराजहरा। नगर पालिका, बीएससी और राजस्व प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर भारी पड़ी — बीते 15 घंटों की मूसलधार बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण पूरा शहर एक दलदल में तब्दील हो गया।
झमाझम बारिश के कारण बारहमासी नाले उफान पर आ गए, जिनमें बहकर दो गाय और दो भैंस मौत के मुंह में समा गईं। वहीं कई स्थानों पर चार पहिया वाहन पानी में पूरी तरह डूब गए, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
स्थानीय मोहल्लों में हालात बदतर हैं — घरों में कमर तक पानी भर गया, फर्श पर कीचड़ और गंदगी का अंबार है। लोगों का रहना मुश्किल हो गया है, वहीं प्रशासन हालात पर मूकदर्शक बना बैठा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल बरसात में यही हाल होता है लेकिन नगरपालिका और राजस्व विभाग सिर्फ कागज़ों पर ही योजनाएँ बनाते हैं। अगर समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी का प्रबंध किया गया होता, तो शायद ये दिन नहींदेखना पड़ता।
गुस्साए लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये आपदा नहीं, प्रशासन की खुली नाकामी है। जिम्मेदार अफसरों और जनप्रतिनिधियों से जनता जवाब मांग रही है — लेकिन जवाब में केवल चुप्पी और खानापूर्ति देखने को मिल रही है।
प्रशासन की निष्क्रियता अगर इसी तरह जारी रही, तो आने वाले दिनों में यह संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है।

Author: Deepak Mittal
