रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज अंतिम दिन है, लेकिन माहौल शांत रहने के आसार बेहद कम हैं। बीते दिन विपक्षी नारेबाज़ी और हंगामे के चलते कार्यवाही ठप रही थी, और अब आज सुबह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर ED की रेड ने सियासी पारा और चढ़ा दिया है।
पांच दिवसीय मानसून सत्र का यह अंतिम दिन एक और हंगामेदार सत्र में तब्दील हो सकता है, क्योंकि कांग्रेस विधायकों के विरोध प्रदर्शन और वॉकआउट की संभावना जताई जा रही है।
ED रेड से पहले ही गरमा गया माहौल
शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापा मारा। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि छापेमारी किस मामले में की गई है। लेकिन भूपेश बघेल ने इस कार्रवाई को लेकर X (पूर्व ट्विटर) पर सीधे “साहेब” पर निशाना साधते हुए लिखा:
“ED आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में साहेब ने ED भेज दी है।”
क्या आज फिर नहीं चलेगी कार्यवाही?
बीते दिन भी हंगामे के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी थी। कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई एक राजनीतिक साजिश है और अडानी जैसे मुद्दों को उठाने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। ऐसे में यह लगभग तय माना जा रहा है कि आज कांग्रेसी विधायक जोरदार विरोध दर्ज कर सकते हैं।
राजनीति या जांच?
एक तरफ कांग्रेस इस रेड को राजनीतिक बदले की भावना बता रही है, वहीं बीजेपी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब नज़रें विधानसभा पर
क्या विधानसभा में अडानी का मुद्दा उठ सकेगा या पूरा दिन ED रेड के विरोध में हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा? क्या आज फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया बाधित होगी?
इन सवालों के साथ छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमाई हुई है।

Author: Deepak Mittal
