नारायणपुर, छत्तीसगढ़: राज्य में माओवाद के खिलाफ चल रही मुहिम को उस वक्त बड़ी सफलता मिली जब कोहकामेटा थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो सक्रिय महिला नक्सलियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार नक्सली — पारो हप्का और सुनीता उर्फ संगीता मंडावी — लंबे समय से माड़ डिवीजन के कुतुल एलओएस (LGS) में सक्रिय थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों महिलाएं:
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जनताना सरकार के विस्तार में लगी थीं
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युवाओं की भर्ती और माओवाद का प्रचार कर रही थीं
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और पुलिस पर हमले की साजिशों में भी शामिल रही हैं
हथियारों का जखीरा बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की:
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12 बोर की BGL लॉन्चर बंदूक
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2 BGL बम
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1 टिफिन बम
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1 डेटोनेटर
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24 पेंसिल सेल
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अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
इस कार्रवाई से नक्सल संगठन को रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक दोनों स्तरों पर झटका लगा है।
लगातार दबाव में हैं नक्सली
प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस-CRPF की संयुक्त रणनीति के कारण नक्सली अब सतर्कता और दबाव की स्थिति में हैं। हाल के महीनों में कई टॉप कमांडर मारे गए या गिरफ्तार हुए हैं, जिससे संगठन की जमीनी पकड़ कमजोर हो रही है।
दो महिला नक्सलियों की गिरफ्तारी न केवल सुरक्षा बलों की कार्यकुशलता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि राज्य सरकार की सख्त नीति और जमीनी रणनीति अब असर दिखा रही है। आने वाले समय में माओवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में यह कार्रवाई एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
Author: Deepak Mittal










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