दल्लीराजहरा,,भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देश पर छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (दल्लीराजहरा, जिला बालोद) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत जारी किया गया है।
अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्रकांत कौशिक ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है क्योंकि पार्टी ने वर्ष 2019 से बीते छह वर्षों में न तो लोकसभा और न ही किसी राज्य विधानसभा अथवा उपचुनाव में कोई उम्मीदवार खड़ा किया है। आयोग के अनुसार इससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी ने सक्रिय रूप से राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना बंद कर दिया है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29ए के अंतर्गत पंजीकृत किसी भी दल का उद्देश्य चुनावों में भागीदारी होता है, और यदि कोई दल इस उद्देश्य को पूरा नहीं करता है तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटाया जा सकता है।
इसी आधार पर आयोग ने छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा को पंजीकरण रद्द करने का प्रस्ताव दिया है। इससे पूर्व आयोग ने दल को 11 जुलाई 2025 तक अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। पार्टी अध्यक्ष या महासचिव द्वारा हलफनामा सहित लिखित उत्तर एवं सभी सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि 11 जुलाई को सुनवाई की तारीख निर्धारित की गई है और इस सुनवाई में पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि तय समय तक कोई जवाब नहीं मिलता, तो यह मान लिया जाएगा कि पार्टी के पास कोई आपत्ति नहीं है, और आयोग बिना किसी अन्य सूचना के आवश्यक निर्णय ले!

Author: Deepak Mittal
