भारत में हर वर्ष लगभग 1.50 करोड़ यूनिट ब्लड की आवश्यकता होती है, लेकिन केवल एक करोड़ यूनिट ब्लड ही मिल पाता है। अनुमान है कि रक्त की कमी के कारण हर साल करीब 12 हजार लोगों की मौत हो जाती है।
लगभग हर दो सेकंड में किसी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता पड़ती है। अनेक मरीजों को रक्त न मिल पाने के कारण उनके स्वस्थ होने में लंबा समय लगता है, लेकिन दिल्ली में अब ऐसा नहीं होगा। दिल्ली सरकार ने एक ऐसे ‘ब्लड डायरेक्टरी ऐप’ को विकसित करने का निर्णय लिया है जिसमें रक्तदाताओं की पूरी जानकारी होगी। खून की आवश्यकता पड़ने पर इसके माध्यम से रक्तदाताओं से तुरंत संपर्क कर समय पर रक्त प्राप्त किया जा सकेगा। इस पर काम चल रहा है।
भाजपा के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्मदिन पर पूरे देश में 500 से अधिक स्थानों पर बड़े रक्तदान शिविर लगाए गए हैं। इस दिन बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया। आनंद विहार में ऐसे ही एक रक्तदान शिविर में पहुंचने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोगों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही इस ऐप को लोगों तक पहुंचाएगी।
खून की कमी हो जाएगी बीते जमाने की बात
थैलेसीमिया जैसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को आजीवन बाहर से चढ़ाए जाने वाले रक्त पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्हें समय-समय पर लगातार रक्त चढ़वाना पड़ता है। यह उनके लिए बड़ी महंगी और जानलेवा भी साबित हो जाता है। लेकिन संभावना है कि आने वाले समय में अब रक्त की कमी के कारण किसी की मौत न हो। इसका कारण है कि वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ऐसे कृत्रिम रक्त का निर्माण कर लिया गया है जिसे किसी भी व्यक्ति को चढ़ाया जा सकेगा। इसका प्राथमिक स्तर पर प्रयोग सफल रहा है। फिलहाल इंसानों के लिए इसकी उपलब्धता में समय लग सकता है।
Author: Deepak Mittal









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