दल्लीराजहरा।‘राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA)’ और ‘छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर’ के संयुक्त प्रयासों से चलाए जा रहे विशेष मध्यस्थता अभियान “मध्यस्थता राष्ट्र के लिए” के अंतर्गत 01 जुलाई 2025 को जिला न्यायालय परिसर बालोद में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह अभियान 01 जुलाई से 07 अक्टूबर 2025 तक देशभर में संचालित किया जा रहा है।
कार्यशाला का आयोजन जिला अधिवक्ता संघ बालोद के सभाकक्ष में किया गया, जिसमें प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद के अध्यक्ष एस.एल. नवरत्न की मार्गदर्शक उपस्थिति रही।
इस अवसर पर बताया गया कि मध्यस्थता एक त्वरित, प्रभावी और सौहार्द्रपूर्ण विवाद समाधान की प्रक्रिया है, जो पक्षकारों को पारस्परिक संवाद के माध्यम से समाधान तक पहुँचने में मदद करती है। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होती है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया का भी बोझ कम होता है।
कार्यशाला में न्यायिक अधिकारियों सहित अधिवक्ताओं और विधि विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश किरण कुमार जांगड़े (मध्यस्थता प्रभारी)
जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) कृष्ण कुमार सूर्यवंशी
जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) ताजुद्दीन आसिफ
द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सोनी
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भारती कुलदीप
व्यवहार न्यायाधीश हीरा सिन्हा एवं सागर चंद्राकर
जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अजय साहू एवं अन्य अधिवक्ता तथा विधि इंटर्न छात्र-छात्राएं।
कार्यशाला में मध्यस्थता की उपयोगिता, प्रक्रिया और सामाजिक प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित जनसमूह ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे न्याय प्रणाली का सशक्त विकल्प बताया

Author: Deepak Mittal
