रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में सक्रिय पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शहर के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों का दौरा कर आवश्यक अवसंरचनात्मक विकास स्थलों का निरीक्षण किया।
विस्तृत निरीक्षण और संभावनाओं का अध्ययन:
निरीक्षण के दौरान टीम ने मठपुरैना, भाटागांव, उरकुरा, एक्सप्रेस-वे और अन्य क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं जैसे सड़क चौड़ीकरण, नए फ्लाईओवर, एक्सप्रेस वे और रेलवे अंडरब्रिज/ओवरब्रिज की संभावनाओं का गहन अध्ययन किया।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा,
“आगामी 4 से 5 वर्षों में रायपुर की आबादी और ट्रैफिक में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस चुनौती का सामना करने के लिए अभी से रणनीतिक योजना और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर ध्यान देना आवश्यक है।”
पूर्व प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा भी हुई:
निरीक्षण के दौरान पहले से प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए कि वे विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
प्रशासन का लक्ष्य – स्मार्ट और ट्रैफिक-फ्री रायपुर:
प्रशासन की योजना शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्त कर, आने वाले वर्षों में एक स्मार्ट, सुगम और सुरक्षित यातायात तंत्र खड़ा करना है। इसके तहत शहरी विस्तार, औद्योगिक विकास और रियल एस्टेट वृद्धि को भी ध्यान में रखकर सड़कों और फ्लाईओवरों की क्षमता को तय किया जा रहा है।

Author: Deepak Mittal
