पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कानून संबंधी विशेष कार्यशाला संपन्न ‘ किशोर न्याय, महिला अपराध और सड़क दुर्घटनाओं पर हुआ सेमिनार

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बालोद : बीते कल पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में एकदिवसीय कार्यशाला एवं कानून पर केंद्रित विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने की।

सेमिनार में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार सोनी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डौंडीलोहारा सतप्रीत छाबड़ा और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भारती कुलदीप ने किशोर न्याय अधिनियम, महिला संबंधी अपराधों और विवेचना से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं पर विस्तृत जानकारी दी। वक्ताओं ने सटीक एवं सशक्त विवेचना के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी बिंदुओं को रेखांकित किया।

iRAD-eDAR एप्लीकेशन की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में सड़क दुर्घटना मामलों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एकीकृत सड़क दुर्घटना ऐप iRAD/eDAR पर कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। ज़िला iRAD रोलआउट मैनेजर टिकेश्वर देशमुख ने थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों को ऐप का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं का डेटा इस पोर्टल में दर्ज कर, राज्य स्तर पर विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।

सड़क हादसों में पीड़ितों को मिलेगा 1.5 लाख तक कैशलैस इलाज


सड़क दुर्घटना पीड़ितों को सरकार द्वारा 1.5 लाख रुपए तक कैशलैस इलाज की योजना का लाभ दिलाने संबंधी जानकारी भी दी गई। दुर्घटना के बाद पुलिस द्वारा eDAR ऐप/वेब प्लेटफॉर्म पर त्वरित एंट्री करने की प्रक्रिया बताई गई, जिससे घायल को समय पर इलाज मिल सके।

राहवीर योजना से आमजन को प्रोत्साहन


कार्यशाला में ‘राहवीर योजना’ के बारे में जानकारी दी गई, जिसके तहत यदि कोई नागरिक सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ में अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

गौ तस्करी, अवैध अप्रवासी और गुम इंसान के मामलों पर निर्देश


पुलिस अधीक्षक ने कार्यशाला के अंत में सभी थाना प्रभारियों को वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त निर्देशों से अवगत कराया। उन्होंने गौवंश तस्करी और अवैध अप्रवासी व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत गुम इंसानों की दस्तयाबी पर विशेष जोर दिया गया। किरायेदारों के सत्यापन को लेकर भी समीक्षा की गई।

कार्यशाला में एसडीओपी देवांश सिंह राठौर, सीएसपी डॉ चित्रा वर्मा, डीएसपी राजेश बागडे, डीएसपी बोनीफास एक्का समेत जिले के सभी थाना प्रभारी और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।

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Author: Deepak Mittal

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