अब 4 घंटे की जगह 24 घंटे पहले बनेगा वेटिंग लिस्ट चार्ट, रेलवे की बड़ी पहल

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Deepak Mittal

जब आप रेलवे में सफर करने की सोचते हैं और आप रेलवे का आरक्षित टिकट लेते हैं तो कई बार ऐसा देखा गया है कि आपका टिकट वेटलिस्ट में होता है. आपके सामने उहापोह की स्थिती होती है जिसमें आपको यह पता नहीं चलता है कि आखिरकार आपका टिकट कन्फर्म होगा या नहीं.

इस उहापोह और यात्री की परेशानियों को कम करने के लिए रेलवे ने नई पहल की है.

रेलवे सूत्रों के मुताबिक रेलवे का वेटलिस्ट चार्ट अब चार घंटे नहीं बल्कि 24 घंटे पहले तैयार हो जाएगा. रेलवे का दावा है कि इस योजना से रेलवे टिकटिंग को लेकर काफी पारदर्शिता आएगी.ये योजना 6 जून से बीकानेर डिविजन में प्रयोगात्मक तौर पर इसे शुरु किया गया है. फिलहाल इस डिविजन के एक ट्रेन में इसे शुरु किया गया है. रेलवे सूत्रों का दावा है कि इस प्रयोग का पिछले चार दिनों में काफी सकारात्मक परिणाम आया है. साथ ही इस ट्रेन में चलने वाले यात्रियों को भी काफी सहूलियत हुई है.

भीड़ भाड़ वाले इलाके में भी प्रयोग

रेलवे सूत्रों के मुताबिक बीकानेर के बाद इसे देश के अलग अलग हिस्सों में प्रयोग के तौर पर किया जाएगा. इसमें उन रुटों का भी चयन किया जाएगा जहां की ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट काफी अधिक है. मसलन यदि दिल्ली से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जगहों की बात करें तो वहां सालों भर वेटिंग लिस्ट काफी अधिक रहती है. इसकी तरह से बिहार और उत्तर प्रदेश से महाराष्ट्र और गुजरात के लिए भी टिकटों की काफी मारा मारी रहती है. दिल्ली मुम्बई रुट पर भी कुछ ट्रेनों में सामान्य तौर पर कन्फर्म टिकटों को लेकर परेशानी है. ऐसे में इन रुटों पर भी जल्द ही यह प्रयोग होगा.

रेल मंत्री को सुझाया विकल्प

हाल ही में 21 मई को रेलमंत्री ने बीकानेर का दौरा किया था. इस दौरे में प्रधानमंत्री ने राजस्थान में रेलवे के कई प्रोजेक्ट को जनता को समर्पित किया था. इसी यात्रा के दौरान रेल मंत्री को रेलवे के बीकानेर डिविजन के अधिकारियों ने यह विकल्प दिया. इसके साथ ही रेलवे के अधिकारियों ने रेल मंत्री को कहा कि यदि ऐसा करते हैं तो इससे यात्रियों को बहुत सहूलियत होगी. रेल मंत्री ने अधिकारियों के सुझाव पर फौरन हामी भर दी.

यात्री वैकल्पिक यात्रा कर सकेंगे

रेलवे सूत्रों के मौजूदा नियमों के मुताबकि अभी तक 2.5 से 4 घंटे पहले वेट लिस्ट चार्ट फाइनल होता है. रेलवे सूत्रों के मुताबिक चार घंटे पहले चार्ट बनने से यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. रेलवे के मुताबिक यदि किसी यात्री को एक दिन पहले टिकट का पता चल जाता है तो वह यात्रा को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था कर सकता है. मसलन यात्री के पास फ्लाइट से लेकर दूसरे परिवहन के साधनों से जाने का विकल्प होगा.

रेलवे को अतिरिक्त कोच लगाने का फायदा

रेलवे सूत्रों के मुताबिक यदि किसी ट्रेन में चार घंटे पहले चार्ट तैयार होता है तो ऐसी परिस्थिती में समय कम मिलता है जिससे कि यदि उसी ट्रेन में कोच की संख्या बढ़ानी हो अथवा दूसरे विकल्प पर काम करना हो तो परेशानी होती है. ऐसे में एक दिन पहले चार्ट तैयार होने से रेलवे के पास समय काफी होगा यात्रियों की संख्या को लेकर कोच को प्लान करने में.

अंतिम समय में टिकट कैंसिल

रेलवे सूत्रों के मुताबिक यात्रियों की एक बड़ी संख्या है जो किसी ना किसी वजह से अपना टिकट कैंसिल कराते हैं. इनमें से उन यात्रियों की संख्या भी काफी अधिक होती है जो अंतिम समय में टिकट कैंसिल कराते हैं. ऐसे में यदि एक दिन पहले चार्ट तैयार होने लगेगा तो यात्रियों की संख्या को लेकर रेलवे के पास अधिक जानकारी हो पाएगी और उसी हिसाब से कुछ और तैयारी की जा सकती है.

तत्काल टिकट जारी रहेगा

रेलवे सूत्रों के मुताबिक नए निमय के आने के बाद से मौजूदा कुछ नियम में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा. इसमें तत्काल भी शामिल है. मसलन तत्काल टिकट को लेकर फिलहाल जो नियम है उसी के मुताबिक टिकट यात्री ले सकते हैं.

चार सौ तक चली जाती है वेटिंग

रेलवे का दावा है कि मौजूदा वक्त में कई ऐसी ट्रेने हैं जिसमें वेटिंग लिस्ट 400 तक चली जाती है. ऐसे में उस ट्रेन में टिकट रिग्रेट हो जाता है. उन ट्रेनों में भी चार्ट एक दिन पहले बनने से रेलवे के पास उपयुक्त रुट पर क्लोन ट्रेनों का परिचालन से लेकर दूसरे विकल्प को अमली जामा पहनाने के लिए समय होगा. टिकट बुकिंग करने के बाद औसतन 21% यात्री अपनी टिकट कैंसिल कर देते हैं. वहीं लगभग 4-5% यात्री टिकट बुक करने के बाद भी ट्रेन में सफर नहीं करते हैं.

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Author: Deepak Mittal

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