रायपुर। आयकर अन्वेषण विंग ने बुधवार रायपुर के बड़े राइस मिल ग्रुप सत्यम बालाजी के महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश के कुल 27 ठिकानों पर दबिश दी है। इनमें अकेले रायपुर में 10 ठिकाने हैं। पहले दिन शाम 5 बजे तक 1.50 करोड़ नगद और 4 लॉकर मिले हैं। और बड़ी मात्रा में ज्वेलरी भी मिली है। इसका मुल्यांकन चल रहा है। सीज नहीं किया गया है। सभी ठिकानों पर टीमें मौजूद है। 150 अधिकारियों की टीम यह कार्रवाई कर रही है।
इस ग्रुप का छत्तीसगढ़ के साथ ,महाराष्ट्र ओडिशा, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में भी बड़ा कारोबार है। यह छापेमारी सत्यम बालाजी राइस मिल ग्रुप के ठिकानों पर चल रही है। इसके संचालक प्रदीप (पुरुषोत्तम) अग्रवाल हैं। इसग्रुप से जुड़े कई कमीशन एजेंट्स के यहां भी जांच चल रही है।रायपुर, गोंदिया, काकीनाडा समेत कुल 27 ठिकाने बताए गए हैं।रायपुर के राजीव नगर स्थित घर, जवाहर मार्केट स्थित ऑफिस, राठौर चौक स्थित गोदाम,कमीशन एजेंट्स के ऑफिस और रिंगरोड स्थित जगुआर शोरूम समेत भनपुरी स्थित राइस मिल भी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि ज्यादातर काम नगदी में करता है। और इसमें बीते वर्षों में इस ग्रुप के टैक्सेशन,आईटीआर के आंकलन में बड़ी कर चोरी के पड़ताल को बाद शिकायत पर यह कार्रवाई की गई।आईटी अधिकारी दस्तावेजों और साफ्टवेयर एविडेंस की जांच में जुटे हैं। आयकर ने एक लंबे अर्से बाद प्रदेश के बड़े कारोबारी समूह को घेरा है ।हालांकि इनके यहां कुछ वर्ष पहले भी दबिश दी गई थी। उसके बाद से इस समूह ने मोड आफ बिजनेस बदल दिया था। सारा काम नगद में करने लगा। और प्राफिट को ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट में निवेश करने लगा था। इनके मोवा सड्डू रोड पर स्थित राइस मिल के एक ही परिसर में आधी दर्जन मिलें हैं। बाहर से यह एक ही मिल दिखाई देता है लेकिन भीतर छह से अधिक मिले हैं। इसी रोड पर इनका लग्जरी कार का शो रूम भी है। अब तक किसी तरह के सीजर की जानकारी नहीं मिली है।
Author: Deepak Mittal










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