रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोपियों संपत्ति पर ईडी ने कार्रवाई की है। आरोपियों की 19 जगहों की तकरीबन 200 एकड़ जमीन का भौतिक कब्जा लिया किया है। जिसका बाजार मूल्य 500 करोड़ के आस-पास बताई जा रही है। ईडी ने अभनपुर और रायपुर तहसील के अंतर्गत आने वाली संपत्तियां कब्जा लेकर खरीदी ब्रिक्री पर रोक लगा दी है।
बतादें कि इसमें सृजन एशोसिएट, सुनील दम्मानी, अनिल दम्मानी और माधुरी वर्मा की ज्यादा संपत्तियां हैं। इनके अभनपुर स्थित फार्म को भी सीज कर दिया गया है। ईडी के अधिकारियों ने जिले के राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर सभी जमीन के खसरों का निरीक्षण किया और पंजीयन कार्यालय को खरीदी ब्रिक्री रोकने के लिए पत्र भी लिखा है।
मनी लान्ड्रिंग के मामले में ईडी जब किसी संपत्ति को अटैच करता है तो उस पर मामले के निस्तारण तक संपत्ति के स्वामी का अधिकार नहीं रहता है। मनी लान्ड्रिंग की पुष्टि होने पर ईडी ऐसी संपत्ति को नीलाम भी कर देता है। ताकि ठिकाने लगाई गई रकम की भरपाई की जा सके। ईडी ने ऐसी ही 19 संपत्ति को अटैच कर कब्जे ले लिया। इन संपत्तियों की खरीदी ब्रिक्री रोकने के लिए पंजीयन विभाग से भी पत्राचार किया गया है। अब सभी खसरों को ब्लाक कर दिया गया है।
अधिकारियों से ली संपत्तियों की जानकारी
सहायक निदेशक ठंडीलाल मीना ने 12 नवंबर को तहसीलदार रायपुर और अभनपुर को पत्र लिखकर मदद करने के लिए एक राजस्व अधिकारी की मांग की गई थ। ईडी ने मनीलाड्रिं करने वालों की अचल संपत्तियों को पहले ही कुर्क किया चुका है। अनंतिम कुर्की आदेश 20 अगस्त 2023 को जारी किया गया था।
उक्त कुर्की आदेश को बाद में अधिनियम की धारा 6 के तहत गठित न्याय निर्णय प्राधिकरण द्वारा मूल शिकायत संख्या 2107/2024 में 21मार्च 2024 के आदेश के तहत इसकी पुष्टि की गई है इन संपत्तियों का कब्जा ईडी द्वारा बीते सोमवार को लिया गया। संपत्तियों की पहचान करने और कब्जे की कार्रवाई के लिए तहसीलदारों से संपत्तियों की जानकारी के लिए एक राजस्व अधिकारी की मांग की गई थी।

Author: Deepak Mittal










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