राज्यों में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार के लिए 725.62 करोड़ रुपये की मंजूरी..

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति ने “राज्यों में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण” योजना के तहत तीन राज्यों—छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल—के लिए 725.62 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत:

1. छत्तीसगढ़ के लिए 147.76 करोड़ रुपये,

2. ओडिशा के लिए 201.10 करोड़ रुपये,

3. पश्चिम बंगाल के लिए 376.76 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक और सशक्त बनाना है ताकि राज्यों में आपात स्थितियों और आपदाओं का प्रभावी प्रबंधन किया जा सके।

प्रधानमंत्री के विजन को समर्थन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “Disaster Resilient भारत” के विजन के तहत, गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन की दक्षता बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। इसके तहत, देश में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction) प्रणाली को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं।

NDRF के तहत फंड आवंटन

केंद्र सरकार ने “अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण” योजना के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के तहत कुल 5000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

अब तक 15 राज्यों के लिए 2542.12 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है।

वित्तीय सहायता का वितरण

इस वर्ष के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यों को विभिन्न आपदा निधियों के माध्यम से 21,026 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है, जिसमें:

राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) से 26 राज्यों को 14,878.40 करोड़ रुपये,

राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) से 15 राज्यों को 4,637.66 करोड़ रुपये,

राज्य आपदा शमन निधि (SDMF) से 11 राज्यों को 1,385.45 करोड़ रुपये,

राष्ट्रीय आपदा शमन निधि (NDMF) से तीन राज्यों को 124.93 करोड़ रुपये शामिल हैं।

उच्च स्तरीय समिति की संरचना

इस उच्च स्तरीय समिति में केंद्रीय गृह मंत्री के अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री, कृषि मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष शामिल होते हैं। इस समिति का कार्य आपदा प्रबंधन के लिए विभिन्न राज्यों के प्रस्तावों की समीक्षा कर उन्हें मंजूरी देना है।

इस पहल के तहत केंद्र सरकार की कोशिश है कि देशभर में अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके और आपदाओं के दौरान जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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Author: Deepak Mittal

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