रामलला प्राणप्रतिष्ठा समारोह में दिखेंगे देश-दुनिया के VVIP, कड़ी सुरक्षा में बनेगा स्पेशल कॉरिडोर

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लंबे अर्से के बाद राम भक्तों के लिए वो घड़ी आ गई है जिसको लेकर भी सभी में भारी उत्साह है. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अब एक महीने से भी कम वक्त बचा है. लिहाजा इस भव्य समारोह को लेकर तैयारियां जोरों पर है. इसको लेकर हाल में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोत्सव को लेकर समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया. इसमें तय किए गए दिशा निर्देशों का अनुपालन कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.  22 जनवरी को एक निश्चित मुहूर्त में भव्य राम मंदिर में रामलला की नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है. तीन मूर्तिकारों ने तीन मूर्तियों का निर्माण किया है इसमें से एक मूर्ति की प्राम प्रतिष्ठा रामलला में की जाएगी.

राम नगरी को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों से जोड़ा जाएगा. अयोध्या से लेकर काशी, विंध्यवासिनी मंदिर, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, मथुरा, गोरखपुर जैसे गोरक्षनाथ मंदिरों को भी सीधे अयोध्या से बसों के जरिए जोड़ा जाएगा. ताकि इन तीर्थों के साथ-साथ राम भक्त रामलला के दर्शन भी कर सकें.

बनेगा स्पेशल कॉरिडोर
जाहिर है भव्य राम मंदिर है और कार्यक्रम भी भव्य स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, तो इसमें वीआईपी नहीं बल्कि वीवीआईपी एकत्र होंगे. देश और दुनिया से मेहमानों को आमंत्रित किया गया है. कला से लेकर खेल जगत तक हर क्षेत्र से जुड़ी जानी मानी हस्तियां इस समारोह की गवाह बनेंगी.

यही वजह है कि प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य आयोजन वाले दिन VVIP मूवमेंट के लिए एक स्पेशल कॉरिडोर तैयार किया जाएगा. इसका मकसद  यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है. यह कॉरिडोर अयोध्या एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन समेत अयोध्या के खास क्षेत्रों को VVIP मूवमेंट के दौरान आपस में कनेक्ट करेगा.

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए देश औऱ दुनिया से विशिष्ठ अतिथियों को आमंत्रित किया गया है. मंडलायुक्त की मानें तो इस कार्यक्रम के लिए 8000 आमंत्रित अतिथियों की आवभगत की तैयारी के लिए रोड मैप तैयार कर लिया गया है. संत समाज से ही 5000 लोग इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे. ये सभी अतिथि रोड से लेकर रेल और हवाई मार्ग से अयोध्या पहुंचेंगे.

रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह को ध्यान में रखते हुए तैयारियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 500 घरों को गेस्ट हाउस के रूप में विकसित किया गया है. जिलाधिकारी नीतीश कुमार के मुताबिक मेहमानों के रहने के लिए पांच सौ रिहायशी भवनों को होम स्टे में कनवर्ट किया गया है. इसके तहत 2200 कमरे होम स्टे के रूप में तैयार किए जा चुके हैं. ये सभी श्रद्धालु और पर्टयकों के लिए तैयार किए गए हैं. इन्हें होली ऐप अयोध्या के जरिए रजिस्टर्ड किया जा सकेगा.

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Author: Deepak Mittal

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