जे के मिश्रl बिलासपुर जिले से आई एक चौंकाने वाली खबर में प्रेमी पर झूठे दुष्कर्म का आरोप लगाने का मामला सामने आया। महिला ने अपने प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने पर दिनदहाड़े घर में घुसकर बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी की ओर से प्रस्तुत की गई कॉल डिटेल्स से यह बात सामने आई कि दोनों के बीच पुरानी जान-पहचान थी, जिससे सत्र न्यायालय ने आरोपी को निर्दोष घोषित कर दिया।
कॉल डिटेल्स ने खोला सच्चाई का राज घटना के दिन की कॉल डिटेल्स से स्पष्ट हुआ कि पीड़िता ने ही फोन कर आरोपी को बुलाया था। अदालत ने पाया कि दोनों के बीच जनवरी 2011 से मार्च 2012 तक निरंतर संपर्क था और अभियुक्त पीड़िता के घर अक्सर आता-जाता था। यह साबित करता है कि महिला की सहमति पूरे मामले में शामिल थी।
न्यायालय का फैसला और हाईकोर्ट की पुष्टि पुलिस ने पहले आरोपी के खिलाफ धारा 376(1), 450 और 506(2) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया था। लेकिन, सत्र न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को बरी कर दिया। इसके बाद, महिला ने उच्च न्यायालय में अपील की, जहां सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने भी इस अपील को खारिज करते हुए कहा कि महिला ने अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए झूठा आरोप लगाया है।
इस फैसले ने आरोपी को लंबे समय बाद न्याय दिलाया, जबकि न्यायालय ने इस घटना को सामाजिक छवि बचाने के प्रयास में किया गया झूठा आरोप करार दिया।

Author: Deepak Mittal
