छत्तीसगढ़ में यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें: ट्रेनों में भीड़, हवाई सफर हुआ महंगा, टिकट के दाम तीन गुना तक बढ़े

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जे के मिश्र, त्योहारी सीजन में यात्रियों की यात्रा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। ट्रेनों में टिकट नहीं मिलने से हवाई सफर का रुख कर रहे यात्रियों को भारी किराया चुकाना पड़ रहा है। बीते कुछ दिनों में फ्लाइट टिकट की कीमतें (Train and Flight Fare) दोगुनी से तिगुनी हो गई हैं, जिससे यात्रियों को खासा आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है।

काम और पढ़ाई के लिए बड़े शहरों की ओर जाने में हो रही दिक्कत
छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में काम और पढ़ाई के लिए जाते हैं। वर्तमान में ट्रेनों में सीटें न मिलने के कारण उन्हें महंगी फ्लाइट टिकट खरीदनी पड़ रही है। पटना जैसे शहरों के लिए भी वेटिंग टिकट उपलब्ध नहीं हैं, जिससे रायपुर से पटना का हवाई किराया 18 हजार से बढ़कर 34 हजार तक पहुंच गया है।

टिकट के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी
रायपुर से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जाने के लिए हवाई यात्रा का खर्च कई गुना बढ़ गया है। सामान्यतः 6-8 हजार रुपये की टिकट की कीमत अब 18-20 हजार रुपये तक पहुंच गई है। खासकर दोपहर और शाम की उड़ानों के टिकट बेहद महंगे हो गए हैं। दिल्ली का सामान्य रूप से 7 हजार रुपये में मिलने वाला टिकट अब 28 हजार रुपये तक हो गया है।

जल्द राहत की उम्मीद नहीं
विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारी सीजन की वजह से 7 नवंबर से पहले फ्लाइट के किराए में कमी की संभावना नहीं है। ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार, दिवाली के आसपास फ्लाइट टिकट के दाम बढ़ना आम बात है, लेकिन इस बार यह बढ़ोतरी अपेक्षा से काफी ज्यादा है। खासकर भाई दूज के बाद लौटने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या के चलते कीमतें अधिक हो गई हैं।

सीधी बस सेवाओं की कमी भी बना कारण
छत्तीसगढ़ से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों के लिए सीधी बसें नहीं चलने के कारण यात्रियों को अन्य विकल्प चुनने पड़ रहे हैं। पुणे और हैदराबाद के लिए कुछ बस सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन बड़े शहरों के लिए अक्सर यात्रियों को नागपुर जाकर बस पकड़नी पड़ती है। इसी कारण लोग हवाई किराए से बचने के लिए नागपुर रूट से सफर करने लगे हैं।

स्पेशल ट्रेनों का सहारा
रेलवे ने त्योहारी भीड़ को देखते हुए कई स्पेशल ट्रेनें शुरू की हैं, जिनमें से कुछ छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरती हैं। हालांकि, इनमें भी अधिकांश ट्रेनें बिहार की ओर चल रही हैं, जिससे अन्य रूट्स पर सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं हो पाई हैं।

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Author: Deepak Mittal

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