नई दिल्ली। केंद्रीय औषधि नियामक प्राधिकरण (सीडीएससीओ) ने हाल ही में जारी अपनी रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चार प्रमुख दवाओं, जिनमें कैल्शियम सप्लीमेंट शेल्कल 500 और पैन डी शामिल हैं, को नकली पाया गया है। इसके अलावा, 49 अन्य दवाओं के नमूनों को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया गया है।
इस रिपोर्ट में अल्केम हेल्थ साइंस, अरिस्टो फार्मास्यूटिकल्स, कैमिला फार्मास्यूटिकल्स, और हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स जैसी कई प्रतिष्ठित कंपनियों के उत्पाद शामिल हैं। विशेष रूप से, पेरासिटामोल, मेट्रोनिडाजोल, और फ्लुकोनाजोल जैसी दवाओं को भी ‘क्वालिटी में कमी’ वाली लिस्ट में रखा गया है।
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया, राजीव सिंह रघुवंशी ने बताया कि तीन हजार नमूनों की जांच में केवल 1.5 प्रतिशत दवाएं कम प्रभावकारी पाई गईं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक विशिष्ट बैच की दवा की गुणवत्ता खराब होना सभी उत्पादों की गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करता।

सीडीएससीओ द्वारा नियमित निरीक्षण और सतर्कता की कार्रवाई से दवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई गई है। रघुवंशी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से कम प्रभाव वाली दवाओं के प्रतिशत में भारी कमी आती है, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
Author: Deepak Mittal










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