देवरीखुर्द में सुलभ शौचालय को तोड़कर जमीन पर कब्जा, लोग खुले में शौच जाने को मजबूर..

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बिलासपुर। देवरीखुर्द में निर्दलीय पार्षद लक्ष्मी यादव पर गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यादव ने सुलभ शौचालय को तुड़वाकर उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया। इस घटना के बाद से वहां के लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हो गए हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है, और वार्डवासी बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं।

पार्षद लक्ष्मी यादव पर लगा अवैध कब्जे का आरोप
पूर्व सरपंच और भाजपा नेताओं ने नगर निगम आयुक्त और जोन कमिश्नर को दी गई शिकायत में बताया कि देवरीखुर्द के पंचायत कार्यकाल के दौरान बने सुलभ शौचालय को यादव और उनके समर्थकों ने गिरा दिया। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पार्षद ने झूठे स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की आड़ में यह अवैध कब्जा किया और निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है।

महिलाएं खुले में शौच के लिए मजबूर
सुलभ शौचालय के टूटने के बाद से महिलाओं को शौच के लिए खुले में जाने की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में शौचालय की कमी के कारण स्थानीय लोग झाड़ियों का सहारा लेने लगे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और गरिमा पर नकारात्मक असर हो रहा है।

ठेकेदार ने किया कबूल
निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार आनंद ने इस बात की पुष्टि की है कि यह निर्माण बिना किसी वर्क ऑर्डर के हो रहा है। उसने बताया कि पार्षद लक्ष्मी यादव ही इस काम के पीछे हैं, और गेट और अन्य सामग्री का खर्चा भी उन्हीं के आदेश से उठाया जा रहा है।

निगम अधिकारियों की निष्क्रियता पर सवाल
जोन कमिश्नर श्रीमती सिंह से जब इस मामले में पूछा गया, तो उन्होंने इस पर अनभिज्ञता जाहिर की। निगम की इस निष्क्रियता से वार्डवासी नाराज हैं और जल्द ही बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने पुराने सुलभ शौचालय की तस्वीरें साझा करते हुए इसे फिर से बनाने की मांग की है।

अवैध कब्जे के मामले पहले भी आए हैं सामने
यह पहली बार नहीं है जब देवरीखुर्द में अवैध कब्जे का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी पार्षद यादव पर सतबहनिया मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर कब्जा करने के आरोप लग चुके हैं, लेकिन निगम प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

आंदोलन की तैयारी
स्थानीय लोग इस बार आंदोलन की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पार्षद और निगम प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।

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Author: Deepak Mittal

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