राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान और अफ्रीकी-एशियाई ग्रामीण विकास संगठन का संयुक्‍त आयोजन

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

 

(गौतम बाल बोंदरे ) रायपुर। राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान (RGNGWT&RI) और अफ्रीकी-एशियाई ग्रामीण विकास संगठन (AARDO) द्वारा विभिन्न AARDO देशों के प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित ‘सतही और भूजल प्रबंधन – एशिया और अफ्रीका का सर्वोत्तम उपयोग ‘ पर दो सप्ताह के अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का उद्घाटन दिनांक 23 सितंबर 2024 को संस्थान के सभागार में किया गया।

उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि अफ्रीकी-एशियाई ग्रामीण विकास संगठन के महासचिव महामहिम डॉ. मनोज नरदेव सिंह एवं विशिष्ठ अतिथि केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के सदस्य (मुख्यालय) डॉ. ए. अशोकन थे । इस कार्यक्रम में एनडब्ल्यूए पुणे के मुख्य अभियंता और प्रमुख डी. एस. चास्कर, राजीव गांधी राष्ट्रीय भूजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक निधीष वर्मा, उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र, रायपुर, केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पी. के. नाइक, आईईसी के प्रमुख , डॉ संजीव कुमार बेहरा और संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारिओ की गरिमामयी उपस्थिती थी ।

अपने उद्घाटन भाषण में, क्षेत्रीय निदेशक निधीष वर्मा ने एएआरडीओ देशों के गणमान्य व्यक्तियों और प्रशिक्षुओं का स्वागत किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को सूचित किया कि स्थायी प्रबंधन वर्तमान में सामान्य रूप से जल संसाधन क्षेत्र और विशेष रूप से भूजल क्षेत्र के लिए चर्चा का विषय है और विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन घटना के साथ है ।

डॉ संजीव कुमार बेहरा, प्रमुख (आईईसी) ने सदन को एएआरडीओ और इसके इतिहास के बारे में जानकारी दी। डॉ. प्रबीर कुमार नाइक, क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय भूमि जल बोर्ड, उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र, रायपुर ने अपने भाषण में सभा को बताया कि जल सुरक्षा और स्थिरता उन प्रमुख मुद्दों में से एक है, जिनके लिए व्यवहार परिवर्तन और मांग पक्ष के हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है, विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में जिसमें फसल विविधीकरण विकल्पों का पता लगाने की आवश्यकता है। डी. एस. चास्कर, मुख्य अभियंता और राष्ट्रीय जल अकादमी, सीडब्ल्यूसी, पुणे के प्रमुख ने कृषि आधारित विकासशील अर्थव्यवस्थाओं और ग्रामीण बस्तियों में जल संसाधन प्रबंधन की भूमिका और महत्व पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा की।

डॉ. ए. अशोकन, सदस्य (मुख्यालय), केंद्रीय भूमि जल बोर्ड ने भारत के भूजल परिदृश्य और स्थायी भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में केंद्रीय भूमि जल बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने राष्ट्रीय जलभृत मानचित्रण और प्रबंधन (एनएक्यूआईएम) कार्यक्रम और विभिन्न क्षेत्र विशिष्ट भूजल मुद्दों को मिलाने और दस्तावेज बनाने और उचित शमन उपायों की सिफारिश करने में इसकी भूमिका के बारे में भी जानकारी साझा की ।

महामहिम डॉ. मनोज नरदेव सिंह, महासचिव, एएआरडीओ और इस अवसर के मुख्य अतिथि ने उद्घाटन समारोह में उपस्थित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की । उन्होंने श्रोताओं से एसडीजी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए सक्रिय उपाय शुरू करने का आग्रह किया।

डॉ. एस. सुब्रमण्यम, वैज्ञानिक-डी, और इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम निदेशक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया ।

उद्घाटन समारोह के बाद सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों और एएआरडीओ राष्ट्रों के प्रशिक्षुओं द्वारा वृक्षारोपण किया  गया  ।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment