सिर कटी लाश के मामले में पुलिस ने किया खुलासा..इस वजह से हुई थी हत्या..

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Deepak Mittal

जशपुर : मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 12.08.24 को सुबह करीब 10.00 बजे गणेश बारीक ने पुलिस को सूचना दिया कि कुनकुरी – तपकरा जाने वाले मेन रोड श्री टोली गांव के चुरहागड़ा जंगल में एक एक व्यक्ति का शव सिर धड़ से अलग मिला है।सूचना पर मौके पर जाकर तस्दीक करने पर अज्ञात पुरुष उम्र करीब 30-35 वर्ष का सिर एवं धड़ घने जंगल में अलग अलग कुछ दूरी पर पड़ा मिला।

प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा था। घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह को दिये जाने पर उनके द्वारा तत्काल अति पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं उप पुलिस अधीक्षक विजय सिंह राजपूत के नेतृत्व में मृतक की पहचान तथा आरोपी की पतासाजी हेतु टीम बनायी गई।

प्रार्थी गणेश बारीक उम्र 43 वर्ष निवासी खारीझरिया थाना कुनकुरी के रिपोर्ट पर हत्या का अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटना स्थल पर मृतक का गले से कटा हुआ सिर, एक चाकू, नाइलोन की रस्सी तथा एक जोडी चप्पल पड़ा था तथा धड़ को कटे सिर से करीब 50 मीटर दूर झाडियों में छिपा कर रखा गया था। मृत्तक के चेहरा एवं हांथ में बने टेटू एवं गोदना से “Abhi” लिखा होना पाया गया, जिसके आधार पर मौके पर अज्ञात मृतक के पहचान हेतु हर सम्भव कोशिश किया जाने लगा।

डॉग स्क्वाड एफएसएल अधिकारी, सायबर सेल के स्टाफ को तत्काल मौके पर भेजा गया जिनके द्वारा छानबीन शुरू की गई। अज्ञात मृतक का फोटो जिले एवं ओडिशा, झारखंड राज्य के पुलिस अधिकारी व आमलोगों के ग्रुप में व्हाटसअप से भेजा गया। आस-पास के क्षेत्र एवं झारखंड ओडिशा बार्डर रोड में लगे सीसीटीव्ही फुटेज खंगाला गया, अज्ञात मृतक का कोई पता नहीं चला।

अज्ञात मृतक के शव को पंचनामा बाद पीएम कराया गया तथा घटना स्थल से भौतिक साक्ष्य एवं कटा सिर के पास पड़ा हुआ नायलोन रस्सी एवं एक लोहे का पट्टीदार चाकू एवं एक जोड़ा हवाई चप्पल जप्त किया गया। शव को पहचान कार्यवाही हेतु मरचुरी में सुरक्षित रखवाया गया।

पुलिस के लिये प्रारंभिक चुनौती यह थी कि किसी भी तरह अज्ञात मृतक पुरुष की पहचान की जाए। मृतक की पहचान एवं आरोपी पतासाजी हेतु वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बनाई गई टीम को मृतक के पहचान, आरोपी की पतासाजी, संदेहियों से पूछताछ, घटना स्थल घने जंगल का निरीक्षण तथा सीसीटीवी फुटेज कलेक्ट करने अलग अलग कार्य में लगाया गया।

मृतक की हुई पहचान मृतक का चेहरा, हाथ में बने टैटू के आधार पर उसकी पहचान हेतु लगातार कोशिश की जाती रही तभी पुलिस को सूचना मिली कि मृतक अभिषेक लकड़ा निवासी बरजोर डूमरटोली थाना कासांबेल का लग रहा है। सूचना तस्दीक की गई मृतक के पिता ख्रीस्तोफर लकडा निवासी बरजोर कांसाबेल एवं पत्नी अर्पिता तिर्की निवासी केरसई से पूछताछ कर जिला अस्पताल जशपुर के मरचुरी ले जाकर मृतक शव को दिखाने पर मृतक को अभिषेक लकड़ा का होना पहचान किये। पहचान बाद शव को परिजनों को सौंपा गया।

प्रकरण में विवेचना के दौरान पुलिस टीम को जानकारी मिली कि घटना के दो दिन पूर्व मृतक का उसके मौसेरे भाई से झगडा मारपीट हुआ था उसके बाद से मृतक गायब हुआ है। संदेह के आधार पर मृतक के मौसेरे भाई अभय एक्का, संदीप एक्का, पड़ोसी निर्दोष तिर्की निवासी बरजोर डूमरटोली थाना कांसाबेल को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया तथा घटना के बारे में अति. पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं टीम के अधिकारियों द्वारा बारीकी से पुस्ताछ किया गया।

पहले तो पुलिस को गुमराह करते रहे लगातार और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ पर आरोपी अभय ने घटना करित कराना स्वीकार करते हुए बताया कि अभिषेक लकड़ा इसके मौसेरा भाई है जो अक्सर शराब पीकर नशे में घर में झगडा मारपीट करता रहता था। जमीन को भी गिरवी रख देता था। दिनांक 10.09.2024 को शाम करीब 06-7 बजे अभिषेक लकड़ा शराब के नशे में गाली गलौज हल्ला करते घर आया और अभय, अभय के भाई व मां से गाली गलौच, लड़ाई झगड़ा करने लगा।तब इन लोगों ने मृतक को माना किया तो और भी उग्र होकर मारपीट पर उतारू हो गया। तब अभय ने लकड़ी के फाड़ा से हाथ पैर में मारा जिससे दाहिने पैर चोट लगकर पैर टूट गया। अभिषेक को अस्पताल ले जाने से पुलिस केश होने का डर होने से ईलाज नहीं कराया। हमेशा के लिये भाई अभिषेक को रास्ते से हटाने के लिये प्लान बनाया और दिनाक 11.09.24 को रात में अपने भाई संदीप एक्का, मृतक के भाई अनुप लकड़ा एवं पड़ोसी निर्दोष तिर्की से मिलकर घटना को अंजाम देने के बारे में चर्चा किया और भाई अभिषेक रोज रोज परेशान करता है उसको हमेशा के लिये खत्म कर देते है, कोई नहीं जानेगा। मम्मी, पापा को बतायेंगे की ईलाज के लिये वैद्य के पास ले जाएंगे, और कहीं ले जाकर निपटा देंगे। तब तीनों साथ देने के लिये तैयार हो गये।

फिर रात करीब 02:00 बजे सभी मिलकर अभिषेक लकड़ा को उठाये और बोले की तुम्हारे पैर में ज्यादा दर्द है, चलो बंदरचुआ वाले वैद्य से ईलाज कराएंगे, घटना को अंजाम देने लिये अभय अपने पास घर से एक नायलीन की रस्सी एवं लोहे का पट्टीदार लकड़ी का बेठ लगा चाकू रख लिया था। अभिषेक को अभय के मारूती वेन कमांक MP 05 BA 1729 साथ में लेकर चौगरीबहार रोड तरफ मेन रोड़ तक तरफ से बाये फिर गाड़ी को श्रीटोली के पास रोड किनारे घने जंगल के पास रोके और मारुती के वेन का गेट खोलकर सभी नीचे उतरे। फिर अभय एक्का, अभिषेक के गले में अचानक नायलोन रस्सी फंसाकर दबाकर गाड़ी के बाहर निकाला, 10-12 मीटर रोड से नीचे जंगल में ले जाकर नायलोन रस्सी से उसका गला घोट दिया अभिषेक शांत हो गया तब अपने पास रखे चाकू से जमीन में बैठ कर अभिषेक का गला धीरे धीरे काट दिया। उसके बाद दोनों हाथ को सटा कर उसी नायलोन रस्सी से बांध कर पकड़ कर धड़ वाले भाग को घसीट कर धीरे धीरे जंगल में अंदर तक ले गया साथ में सिर को भी उठाकर घड़ को रखकर ले जा रहा था कुछ दूर घना जंगल में जाने यो बाद अभिषेक का कटा हुआ सर को जमीन में रखा और वहीं पर चाकू, नायलोन रस्सी एवं उसका चप्पल उसे भी वहीं लाकर रख दिया। उसके बाद अभिषेक के धड़ को खीचते हुये करीब 50 मीटर दूर ले जाकर झाकियों के बीच छिपा दिया फिर सिर को लेने आया और 01 घंटा खोजने पर भी अभिषेक का कटा सिर उसे घना जंगल अंधेरे में नहीं मिला सिर रहा था। स्थान भूल गया था फिर भोर होने को हो गई तो डर गया कि कोई देख लेगा और सभी के साथ मारुती वेन से घर चले गये घरवालों को बताये कि अभिषेक वैद्य के पास से अपने पापा के पास उदयपुर चला गया है।

आरोपी अभय एक्का ने पूछताछ में पुलिस को यह भी बताया किया कि ऐसे खौफनाक घटना को अंजाम देकर बच जाने की तरकीब उसे काईम पेट्रोल देखने से दिमाग में आई थी।

प्रकरण की विवेचना के दौरान आरोपी अभय एक्का द्वारा मृतक से पैर में मारकर चोट पहुंचाया गया लकडी फाड़ा, पहने लोवर में खून लगा कपडा, आरोपी का घटना समय पहना कपडा एवं परिवहन में उपयोग किया मारूती ओमनी वाहन जप्त किया गया है। आरोपी संदीप एकका से मृतक का मोबाईल एवं उसका मोबाईल जप्त किया गया।

प्रकरण में आरोपी 1. अभय एक्का उम्र 30 वर्ष, 2. संदीप एक्का उम्र 41 वर्ष 3. निर्दोष तिर्की उम्र 35 वर्ष 4 अनुप लकड़ा उम्र 30 वर्ष सभी निवासी बरजोर डूमरटोली थाना कासांबेल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

मामले का पर्दाफाश करने में पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में एवं अति. पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, उप.पुलिस अधीक्षक श्री विजय राजपूत, उप पुलिस अधीक्षक श्री भावेश समरथ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव पाण्डेय थाना कासांबेल, थाना प्रभारी कुनकुरी उप. निरी. सुनील सिंह, उप. निरी. सतोष तिवारी, सउनि ईश्वर प्रसाद वारले सायबर टीम उप. निरी. नसरूद्‌दीन अंसारी एवं उनकी टीम एवं प्रधान आरक्षक मोहन बंजारे थाना दुलदुला, आरक्षक गणेश यादव, नंदलाल यादव, जितेन्द्र गुप्ता, चन्द्रशेखर बंजारे एवं अन्य अधिकारी / कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।
         

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Author: Deepak Mittal

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