जे के मिश्र, जिला ब्यूरो चीफ, नवभारत टाइम्स,
छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों पर लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की जीएसटी बकाया राशि सामने आई है। राज्य सरकार अब तक इस राशि की वसूली करने में विफल रही है, और अधिकांश पंचायतों ने जीएसटी नंबर भी प्राप्त नहीं किया है। यह जानकारी स्थानीय निधि संपरीक्षा की ऑडिट रिपोर्ट में उजागर हुई है। जीएसटी-टीडीएस कटौती को अनिवार्य कर दिया गया है, और वित्त विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्ती से इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पंचायत चुनाव से पहले इस वसूली को एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
सरकारी निर्माण कार्यों में जीएसटी की देनदारी का पालन नहीं करने से सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। पंचायतों में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे कामों में यह समस्या विशेष रूप से उभर कर आई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर जिला कलेक्टर और पंचायत के सीईओ जिम्मेदार हैं। हालाँकि, विभाग ने अब पंचायतों को जीएसटी नंबर आवंटित करना शुरू कर दिया है और ऑडिट की गहन जांच की जा रही है ताकि आगे ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।
Author: Deepak Mittal









