
शैलेश शर्मा : रायगढ़ : इन दोनों इन दोनों लैलूंगा कृषि विभाग अखबारों का सुर्खियां बना हुआ है ऐसा क्यों है यह हम आपको बताते हैं दरअसल लेलूंगा कृषि विभाग द्वारा लेलूंगा ब्लॉक के दर्जनों गांव में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत किसानों को केंचुआ खाद निर्माण करने वर्मी टैंक का निर्माण हो रहा है जिसमें कृषि विभाग द्वारा किसानों को खुद निर्माण करने उनके बैंक खाते में₹6000 देना है।
जिसमें 5000 वर्मी टैंक निर्माण और 1000 केंचुआ खरीदी करने के लिए देना था परंतु कृषि विभाग किसानों को उनके खाते में राशि न देकर मुंगेली जिला से ठेकेदार बुलाकर इस निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है आपको बताना लाजिमी होगा कि इस निर्माण कार्य में मापदंड को दरकिनार कर मनमानी तरीके से वर्मी टैंक का निर्माण किया जा रहा है प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्मी टैंक का निर्माण पांच फीट चौड़ा लंबाई दस से बारह फिट और गहराई तीन फिट होना है।
जिसमें ठेकेदार द्वारा चार फिट चौड़ा लंबाई आठ फिट और गहराई ढाई फीट किया जा रहा है मिडिया जब इस पूरे मामले को समझने मौके पर पहुंची तो देखने को मिला की हकीकत में ठेकेदार की मनमानी चरम पर है यहां तक कि किसानों को इस योजना की जानकारी ही नही है जब इस संबध में निर्माण करने वाले राज मिस्त्री से पूछा गया तो सारा खुलासा हुआ की ठेकेदार द्वारा इस तरह का निर्माण करने कहा गया है ।
वही राजपुर क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी मनोज पैंकरा से जानकारी ली गई तो बताया गया की ठेकेदार को न ही किसान बुलाए है ना मैं बुलाया हु अब इसकी जानकारी तो उच्च अधिकारी ही बता पाएंगे ऐसा जानकारी मिला जिसके बाद किसानों से भी जानकारी लेने पर बताया गया कि ठेकेदार को उन्होंने नही बुलाया है।
अब यहां से समझने वाली बात है की आखिर लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण हो रहा है और ठेकेदार को किसान ने नही बुलाया न कृषि विभाग ने नही बुलाया तो आखिर किसके कहने पर मुंगेली जिला से ठेकेदार लैलूंगा पहुंच कर दनादन निर्माण करने लगा है लगभग 40 लाख रुपए का निर्माण किसके कहने पर किया जा रहा है।
अखबारों वा टीवी चैनल में खबर प्रकाशित होने के बाद भी अधिकारी मौनी बाबा बने हुए हैं
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय अखबार वह टीवी चैनलों में खबर प्रकाशित किया गया था परंतु संबंधित विभाग के अधिकारी द्वारा किसी प्रकार का कोई एक्शन नहीं लिया गया ना ही जिला प्रशासन द्वारा भी ईश्वर ध्यान दिया गया हालांकि सूत्रों के हवाले से खबर है कि अखबारों में खबर प्रकाशित होते ही कृषि विभाग द्वारा वह ठेकेदार की टीम रातों-रात उच्च अधिकारी के दरवाजे पर माथा टेक ने पहुंचे हुए थे परंतु आज पर्यंत तक निर्माण कार्य में ना ही गुणवत्ता लाई गई नाही वर्मी टैंक का साइज में सुधार किया गया।
जिससे यह प्रतीत होता है कि इस पूरे मामले में संबंधित विभाग की भूमिका संदेह हास्पद है आपको बता दें इस मामले को लेकर पूर्व में भी सवाल खड़े हो चुके है और पुणे और पुणे फिर इस निर्माण कार्य को लेकर कृषि विभाग सुर्खियां बटोरने लगा है इसके बावजूद अधिकारी मौन धारण किए हुए हैं आज पर्यंत इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन किसी प्रकार का कोई हरकत में नहीं आई है और लगातार इस घटिया निर्माण को अंजाम दिया जा रहा है।
प्रशासन को शासन का एक भी भय नहीं है शासन द्वारा लाखों रुपए किसान के लिए खर्च कर रही है परंतु प्रशासन के नुमाइंदे शासन को खोखले करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है अगर इस मामले की जांच की जाए तो सारा खुलासा आप सबके सामने होगा परंतु यहां तो एक मुहावरे कें तर्ज पर प्रशासन का रवैया देखने को मिल रहा है।
सईयां भए कोतवाल तो डर काहे का, इसी तर्ज पर प्रशासन की भूमिका प्रदर्शित हो रहा है कुछ दिन पूर्व लैलूंगा विकासखंड स्तर पर अधिकारियो की समीक्षा बैठक बुलाई गई थी जिसमें राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने सभी अधिकारियो को निर्देश दिया गया था की सरकार की छवि खराब हुई तो बर्दास्त नहीं किया जाएगा साथ ही बैठक के दौरान कृषि विभाग को इस मामले पर हिदायत देते कहा गया था कार्य शिकायते आ रही है सुधार करो नही तो कार्यवाही होगी जिसकी जानकारी मीडिया के सामने भी कहा गया था परंतु प्रशासन को शासन का डर ही नही है या यूं कहे शासन के आदेशों का अवहेलना करना इनकी आराधना बनी हुई है।
जब किसान,ना विभाग ने नही बुलाया ठेकेदार को तो किसने बुलाया
वर्मी टैंक निर्माण के लिए किसानों ने मुंगेली जिला से ठेकेदार को नहीं बुलाया है ना ही कृषि विभाग द्वारा बुलाया नहीं गया है तो आखिर किसके द्वारा ठेकेदार को सीधा मुंगेली जिला से लैलूंगा बुलाकर इस बार भी टैंक का निर्माण कराया जा रहा है आखिर इस पूरे मामले के पीछे किसका हाथ है और इस कृषि विभाग में आखिर चल चल क्या रहा है यह पूरा मामला जांच का विषय है ।
अगर इस मामले पर जांच नहीं होता है तो अब इस मामले को लेकर विपक्ष भी रुक अख्तियार करना शुरू कर दी है किसानों की हितेषी कहलाने वाली भाजपा सरकार किसानों के हक पर ही डांका डालने बाहरी लोगों को बुलाकर झोली भर रही है आखिर इस मामले पर कार्यवाही तो दूर जांच तक नहीं हो रहा है जिससे समझा जा सकता है की प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद प्रशासन किस कदर अपना जेब गर्म करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है
Author: Deepak Mittal










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